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कम्पोस्ट ग्रेजुएट अर्थशास्त्र विभाग ने कराया सेमिनार
लुधियाना - माता गंगा खालसा कालेज फार गर्ल, मंजी साहिब, कोटां में पोस्ट ग्रेजुएट अर्थ शास्त्र विभाग द्वारा उत्तर पश्चिमी भारत में आर्थिक प्रगति के मनुष्यीय विकास पर प्रभाव विषय पर पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के सहयोग से एक राष्ट्रीय सैमी नार का आयोजन किया गया। इस सैमी नार में डा. गुरमोहन सिंह वालीया वाईस चांसलर, श्री गुरू गं्रथ साहिब विश्व यूनिवर्सिटी, फतहगढ़ साहिब ने प्रथम सेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस सैमी नार को चार सेशनों में बांटा गया, जिसमें उद्घाटनी और विदायगी सेशन के अलावा दो तकनीकी सेशन आयोजित किए गए। सेमीनार का आरंभ देही शिवा बर मोहे इहे के शब्द गायन से रवायती ढंग से हुआ। सैमी नार के कनवीनर प्रो. जगपाल सिंह ने सेमीनार संबंधी प्राथमिक जानकारी दी। कालेज के प्रिंसीपल डा. जतिंदर कौर ने आर्थिक विकास की महत्ता संबंधी खोज की आवश्यकता के महत्त्व को दर्शाया। इस सैमी नार का कुंजीवत भाषण डॉक्टर एस प्रकाशम इकॉनामिक्स विभाग, पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने गयारहवीं पांच वर्षीय योजना में हुई इनक्लूसिव ग्रोथ का जिक्र किया और यह भी बताया कि हरी क्रांति ने जहां आर्थिक विकास की दर को बढ़ाया है, वहीं जिंदगी और सेहत की गुणवत्ता नष्ट हो रही है। उन्होंने आमदन और पूंजी की असमान वितरण की बात करते हुए बताया कि आर्थिक विकास के लिए जो नीतियां बनाई जाती हैं, वह ठीक ढंग से लागू नहीं होती, इसी कारण विकास की दर जमीनी स्तर तक नहीं पहुंचती। इस समय समारोह के मुख्य अतिथि डा. गुरमोहन सिंह वालीया ने कालेज द्वारा आयोजित नेशनल सैमी नार के लिए कालेज प्रिंसीपल और इकॉनामिक्स फैकल्टी को बधाई। उन्होंने विशेष रूप से छात्रों को संबोधन करते हुए कहा कि युवक वर्ग को अपनी जिम्मेवारी पहचाननी चाहिए। आज उनको राष्ट्र द्वारा उच्च शिक्षा प्रदान की जा रही है तो उनका फर्ज बनता है कि समाज की भलाई के लिए प्रदान की जा रही शिक्षा का मूल्य मोड़ें। सेमिनार के दो तकनीकी सेशनों में प्रथम सेशन की अध्यक्षता डॉक्टर मनजीत सिंह, हंस राज कालेज, दिल्ली यूनिवर्सिटी ने की और दूसरे सेशन की अध्यक्षता डॉक्टर कुलदीप सिंह, सेंटर फार पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ ने की। जिनमें प्रमुख रूप में आर्थिक प्रगति और मनुष्यीय विकास के संबंधों और मनुष्यीय विकास में सुधार इत्यादि विषयों पर भरपूर रूप में विचार-चर्चा की गई। इस समय क्षेत्र की अन्य प्रमुख शख्सियतों में से इंदरजीत सिंह लोपों मीत अध्यक्ष, स्थानीय कालेज प्रबंधक कमेटी रघबीर सिंह उपस्थित थे।