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आटा चक्की के गोदाम में सरकारी गेहूं स्टोर करने पर हंगामा

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज-!-अबोहर
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबी रेखा से जीवन व्यतीत करने वाले लोगों को वितरित किए जाने वाले सस्ते अनाज से भरी 200 बोरी गेहूं मंगलवार को एक आटा चक्की के गोदाम में स्टोर करते समय हंगामा खड़ा हो गया।
घटना शाम करीब 5.30 बजे की है। निरंकारी भवन रोड पर स्थित एक आटा चक्की के गोदाम में स्टोर करने के लिए गेहूं की बोरियां ट्राली से उतारी जा रही थी। इसी बीच मीडिया कर्मियों को कथित रूप से कालाबाजारी में सरकारी गेहूं उपरोक्त आटा चक्की के गोदाम में स्टोर किए जाने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे पत्रकारों की ओर से गोदाम में गेहूं उतारे जाने की फोटो किए जाने पर आटा चक्की संचालक के साथ कहासुनी हो गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। इसी बीच डिपो होल्डर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विक्की बत्तरा व खुद को शहर की एक ट्रेडिंग कंपनी का मुनीम बताने वाले युवक ने पत्रकारों को सफाई दी कि गोदाम में उतारी जा रही गेहूं कालाबाजारी करके नहीं लाई गई। ट्रेडिंग कंपनी के कारिंदे ने स्पष्ट किया कि गेहूं की खरीद को प्रमाणित करने के लिए भारतीय खाद्य निगम का रिलीज आर्डर है, लेकिन बार-बार पत्रकारों द्वारा मांगें जाने पर उपरोक्त रिलीज आर्डर दिखाने में इन लोगों ने आनाकानी की। गोदाम के संचालक ने स्पष्ट किया कि कोई भी एजेंसी इस संबंध में जाकर जांच कर सकती है। करीब आधा घंटे तक चली इस कार्यवाही के दौरान तमाशबीनों की अच्छी खासी भीड़ जमा हो गई और इसी रस्साकशी में गेहूं की उपरोक्त बोरियां गोदाम में डंप कर दी गई है। गोदाम व चक्की के संचालक ने स्पष्ट किया कि उपरोक्त माल बाकायदा पक्के बिल पर खरीदा गया है।
इधर, इस संबंध में एफसीआई के अधिकारियों से तालमेल करने के लिए बार-बार फोन करने पर भी कार्यालय में अवकाश के चलते किसी ने फोन अटैंड नहीं किया। खाद्य व आपूर्ति विभाग के एफएसओ विकास बत्तरा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जिस बोरी पर पंजाब सरकार का मार्का लगा हो, जाहिर है उसमें पैक की गई गेहूं सरकारी है, लेकिन खरीददार द्वारा उपरोक्त गेहूं की खरीद के संबंध में कोई दस्तावेज न देने से मामला जांच का विषय है।