मछलीपालन बदल रहा है किसानों की किस्मत
फाजिल्का - जिले में बड़ी संख्या में किसान मच्छली पालन के कार्य से जुड़ रहे हैं। ऐसा ही एक नौजवान है फाजिल्का जिले के गांव खडुंज का रणजीत सिंह। जिसने 3 वर्ष पहले ढाई एकड़ में तालाब बनाकर मच्छली पालन शुरू किया और आज उसके पास 12.5 एकड़ में मच्छली पालन और एक एकड़ में मच्छली नर्सरी है।
वह कहता है कि मच्छी पालन विभाग से मिली सब्सिडी और तकनीक ज्ञान सहारे रिवायती फसलों के मुकाबले में प्रति एकड़ खर्चे निकालकर 80 हजार से 1 लाख रुपए तक की वार्षिक आमदन हो जाती है।
उधर, इस संबंधी डीसी डॉ. बसंत गर्ग ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से शुरू किए फसली विभिन्नता कार्यक्रम के तहत जिले में किसानों को मच्छली पालन के लिए उत्साहित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। फाजिल्का में मच्छली पालन के लिए सब्सिडी 20 फीसदी से बढ़ाकर 40 फीसदी कर दी गई है। चालू वित्तीय वर्ष में जिले में अब तक 75 हेक्टेयर रकबा मच्छली पालन के नीचे लाया जा चुका है जबकि 314 हेक्टेयर में पुराने मच्छली पालन के तालाब हैं।
इस मौके पर मच्छली पालन विभाग के सहायक डायरेक्टर रजिंदर कटारिया ने बताया कि विभाग मच्छली पालन का धंधा शुरू करने वालों की तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण देने, सब्सिडी समेत हर प्रकार की मदद करता है। इस साल 157 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। ((झांब))