पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • ‘वीरांगनाओं ने बीड़ा चुकिया होण नी देणी भ्रूण हत्या’ के नारे गूंजे

‘वीरांगनाओं ने बीड़ा चुकिया होण नी देणी भ्रूण हत्या’ के नारे गूंजे

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज - फाजिल्का
दो दिन तक निकली कड़ाके की धूप के बाद वीरवार को पड़ी कड़ाके की ठंड व धुंध के बावजूद यूथ विरांगनाओं द्वारा उपमंडल के चार सीमावर्ती गांवों मोजम, गंजूआना, गागनके व नवां सलेमशाह में जागरूकता रैलियां निकाली गई।
रैली को गांव मोजम के पंचायत सदस्य रामेश सिंह, खान चंद व रणजीत सिंह, गांव गंजूआना में गांव के सरपंच अशोक कुमार व पंचायत सदस्य मंगत राम, गांव गागनके के पंचायत सदस्य काला सिंह व नवां सलेमशाह में सरपंच दर्शना रानी ने हरी झंडी देकर गांवों की गलियों की ओर रवाना किया।
यह गूंजे नारे
रैली के दौरान यूथ विरांगनाओं ने हाथों में ‘एह धींआ इनीयां प्यारियां, तां कुखां विच क्यों मारियां’, ‘बीड़ी पीके खांस रहा है, मौत के आगे नाच रहा है’, ‘यूथ वीरांगनाओं ने बीड़ा चुकिया होन नहीं देनी भ्रूण हत्या’, ‘शराब भुक्की ओर अफीम, बर्बादी की है स्कीम’, ‘बेटी को मरवाओं गे, तो बहु कहां से लाओ गे’, ‘जेकर चाहुंदे हो सुखी परिवार, धीआं नू दियो पूरा प्यार’, आदि नारे लिखी तखतियां उठाई हुई थी ओर गांवों की गलियों में जोर-जोर से नशों व अन्य सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध नारेबाजी कर लोगों को इन कुरीतियों से बचने का आह्वान कर रही थी।
इन गांवों में निकाली रैली
रैली में विंग की जिला जिम्मेवार वनीता गांधी, नीलम, प्रीती कुक्कड़ तथा कैलाश, कविता, सुनीता सेठी, सुनीता, ज्योति, निशा व बड़ी संख्या में फाजिल्का नगर व आस-पास के विभिन्न गांवों मंडी लाधुका, गांव लाधुका, मोजम, गंजूआना, गागनके व नवां सलेमशाह की यूथ वीरांगनाएं तथा पंचायत सदस्य व बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
मुफ्त उपचार करेगी संस्था
उन्होंने ग्रामीणों को आह्वान किया कि यदि कोई भी व्यक्ति जो नशा छोडऩा चाहता है उनकी संस्था द्वारा उक्त व्यक्ति का नि:शुल्क उपचार करवाया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को आह्वान किया कि वह समाज में फैली कुरीतियों को रोकने में उनका सहयोग करें, ताकि एक अच्छे समाज की रचना की जाए।
इस अवसर पर गांवों के प्रतिनिधियों ने कड़ाके की ठंड के बावजूद यूथ विरांगनाओं लोगों को जागरूक करने की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि एक ओर जहां सरकार युवा वर्ग को नशों से दूर रखने के लिए करोड़ों रुपए व्यय कर रही है, वहीं सरकार को नशों को समाप्त करने संबंधी भी कदम उठाने चाहिए। ((झांब))