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आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जांच अधिकारी ने लिए 10 हजार रुपए: पिता

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज। राजपुरा
गांव बठौणियां खुर्द से अगवा नाबालिग को हालत खराब होने पर उसे सिविल अस्पताल में एडमिट कराया गया। लड़की के पिता ने आरोप लगाया उसकी बेटी से सामूहिक दुष्कर्म हुआ है।
पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के बजाए मामला ठंडे बस्ते में डालने का दबाव बना रही है। केस के जांच अधिकारी शंभू थाने के एडीशनल एसएचओ रविंद्र कृष्ण ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए 10 हजार की रिश्वत ली है। शंभू थाना एसएचओ रविंद्र कृष्ण ने बताया कि पिता के आरोपों में सच्चाई नहीं है। लड़की की मेडिकल रिपोर्ट अभी नहीं आई है। एएसआई जानपाल सिंह दोपहर को लड़की का बयान लेने सिविल अस्पताल पहुंचे।
पिता ने बताया कि 26 दिसंबर की सुबह उनकी नाबालिग बेटी घर पर नहीं थी। शंभू पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद लड़की को अगवा करने का केस दर्ज किया और जांच शुरू की। लड़की के पिता ने बताया कि पिछले दिनों पुलिस ने अंबाला कैंट से लड़की को बरामद किया और पटियाला से उसका मेडिकल कराया। पिछले दिनों पता नहीं क्यों लड़की ने किसी बात के बारे में नहीं चर्चा की। जबकि पहले उसने बताया कि गांव निवासी उसकी सहेली 25 दिसंबर की रात उसे घर से ले गई। उसको कहां रखा इसकी जानकारी नहीं मिली। जबकि गुरविंद्र, जपी काला आदि ने बेटी से दुष्कर्म किया।
पिता का आरोप है कि जांच अधिकारी रविंद्र कृष्ण ने आरोपियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया और 10 हजार रुपए ले लिए। बाद में मामले को ठंडे बस्ते में डालने के लिए दो तीन खाली कागजों पर दस्तखत करवाए। हादसे से बेटी सदमे में है। रात को उसकी तबीयत खराब होने लगी और सोमवार शाम वह बेहोश हो गई। अखिल भारतीय हिन्दू सुरक्षा पंजाब के उपाध्यक्ष राज कुमार छाबड़ा की अगुवाई में पिता ने आईजी, एसएसपी को घटना के बारे में जानकारी दी।