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खस्ताहाल क्वार्टरों में रहने को मजबूर हैं रेलवे सिपाही

7 वर्ष पहले
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शिव कौड़ा - मोगा
पंजाब रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स ((आरपीएफ)) और गवर्नमेंट रेलवे पुलिस ((जीआरपी)) के जवानों के परिवार का रोजाना मौत से सामना होता है। क्योंकि रेलवे स्टेशन पर विभाग ने उनके लिए कोई क्वार्टर नहीं बनाकर दिए हैं। जिस कारण से उन्हें खस्ताहाल करार दिए गए क्वार्टरों में रहने के लिए मजबूर है। सात दशक पुराने इन क्वार्टरों की हालत इतनी खस्ता है कि कभी भी यहां की छतें गिर सकती हैं। विभाग ने कुछ नए क्वार्टर बनाकर दिए थे मगर वह पूरे नहीं आए।
छह दशक पुराने हैं यह क्वार्टर
यहां पर रहने वाले कुछ लोगों ने बताया कि यह क्वार्टर 1950 के लगभग बने थे और इन्हें रेलवे विभाग ने कंडम करार दिया हुआ है। बीस के करीब इन क्वार्टरों में से दर्जन भर को खाली करवा लिया गया है मगर उन्हें ढाया नहीं गया। बाकी बचे करीब सात क्वार्टरों में दो रेलवे कर्मचारी और बाकी में आरपीएफ और जीआरपी के जवान रहते हैं।
कभी भी गिर सकती है छत : यह क्वार्टर बेहद खस्ताहालत में हैं। रेलवे कर्मचारी राजकुमार के क्वार्टर में एक पूरा परिवार रहता है। इस क्वार्टर की छतें बुरी तरह से फटी हुई हैं और कभी भी गिर सकती हैं। क्वार्टर में एक ही कमरा है और वहीं पूरा परिवार रहता है मगर इसकी छत किसी भी समय गिर सकती है।
काई आवाज उठाता है तो विभाग उसे करता है परेशान : एक आरपीएफ कर्मचारी की पत्नी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि अगर कोई आवाज उठाता भी है, तो उसे परेशान किया जाता है। जैसे कि ड्यूटी रात को लगना और भी प्रकार से। उनका चौंकी के पास रहना जरूरी है। जब बारिश होती है तो उनकी छतें टपकती रहती हैं। पिछले साल उन्होंने दो-दो रात जागकर काटी थी क्योंकि पानी टपकता था। एक कर्मचारी ने बताया कि उसने पैसे खर्चकर छत पर त्रिपाल डलवाई है।
नए क्वार्टर बने लेकिन सभी के लिए नहीं : क्वार्टरों को कंडम करार दिए जाने के बाद रेलवे विभाग ने दर्जन भर क्वार्टर नए बनाए थे मगर इतने ही क्वार्टरों की और जरूरत है। जब रेलवे के जरनल मैनेजर और डीआरएम आए तो उन्हें इस संबंधी बताया गया था मगर किसी ने कोई हल नहीं किया है।



शुरू होगी नए क्वार्टर बनाने की कार्रवाई

॥फिरोजपुर डिवीजन के डीआरएम नरेश चंद्र गोयल का कहना है कि पहले देखेंगे कि क्वार्टर कंडम है भी या नहीं। जब उनके ध्यान में लाया गया कि क्वार्टरों पर कंडम लिखा हुआ है तो उन्होंने कहा कि फिर नए क्वार्टर बनाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।ञ्जञ्ज

नरेश चंद्र गोयल, डीआरएम फिरोजपुर डिवीजन