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लोगों को मानवता सिखाने के लिए ही श्रीराम आए थे : स्वामी विज्ञानानंद
भास्कर न्यूज - नूरमहल
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से नूरमहल के श्री रघुनाथ मंदिर मोहल्ला कोहलियाँ में तीन दिवसीय आध्यात्मिक प्रवचन और हरिसंकीर्तन कार्यक्रम हो रहा है। शनिवार को इसका पहला दिन था। स्वामी विज्ञानानंद ने श्रीराम के जन्म और उनके जीवन की लीलाओं में छिपे आध्यात्मिक रहस्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रभु मानवता के संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए अवतरित हुए। कई तरह की बुराइयों में पड़े लोगों को सही रास्ते पर लाने के लिए ही भगवान अवतरित हुए हैं।
बुराई जब अपनी सीमा से बढ़ जाती है तो भगवान प्रकट होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम ही जग पालक है। वह ही सृष्टि को नियमित रूप से चला रहे हैं। स्वामी विज्ञानानंद ने बताया कि निराकार परमात्मा धर्म की स्थापना के लिए साकार रूप धारण करते हैं। वह हर इंसान को उसके भीतर ही अपने निराकार रूप का साक्षात्कार करवा देते हैं। उनका जन्म एवं लीलाएं दोनों दिव्य हैं। वह अनादि हैं। परमात्मा किसी धर्म या देश के नहीं है। उनके रूप अलग हैं, लेकिन वह एक है। लोग चाहे उन्हें कई नामों से पुकारते हैं। यदि हमारे मन में सच्ची श्रद्धा है तब ही भगवान की भक्ति की जा सकती है।
प्रवचन के दौरान स्वामी विज्ञानानंद ने प्रभु श्रीराम के भजन भी गाए।-भास्कर