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जांच के नाम पर अधिकारी बदले अधिकारी, नतीजा शून्य

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - बलाचौर
क्षेत्र की एक आटो एजैंसी द्वारा टू-व्हीलर पर लोन के समय ठगी के मामले में करीब चार महीने से पीडि़त इंसाफ के लिए भटक रहे हैं। रोष से भरे लोगों का कहना है कि इस मामले में चार जांच अधिकारी बदल चुके हैं मगर अभी तक उन्हें इंसाफ नहीं मिला। अब इस मामले की जांच एसपी((डी)) गगनअजीत सिंह कर रहे हैं।
पीडि़तों की व्यथा सुनाते हुए श्री गुरु रविदास सोसायटी के तहसील अध्यक्ष रणजीत सिंह सज्जन ने कहा कि जिला पुलिस के पास गरीब लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए समय नहीं है। पुलिस की ओर से ठगी का शिकार हुए लोगों को पहले बयान लेने के नाम पर बलाचौर व नवांशहर में कई बार बुलाकर तंग-परेशान किया गया, अब इस मामले में चार जांच अधिकारी बदल चुके हैं लेकिन अभी तक संबंधित आटो एजैंसी के मालिक के खिलाफ कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। श्री गुरु रविदास सोसायटी व शिकायतकर्ता चार बार बलाचौर व दो बार नवांशहर में रोष प्रदर्शन कर चुके हैं।
मामला यह है. क्षेत्र की एक आटो एजैंसी द्वारा पिछले दिनों लोगों से टू-व्हीलर खरीद के समय लोन के संबंध में ठगी का मामला सामने आया था। पीडि़तों द्वारा पुलिस को शिकायत के बाद आटो एजेंसी संचालक ने पीडि़तों को 1 लाख 77 हजार रुपए की राशि वापस की थी। इसके बाद क्षेत्र के अन्य लोगों ने भी इस एजैंसी पर लोन के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायतें पुलिस को की थीं लेकिन उन्हें अभी तक ऐंठी गई राशि वापस नहीं मिली है। तब से यह लोग पुलिस प्रशासन से इंसाफ की मांग कर रहे हैं।
कुछ नेता फैसले को दबाव बना रहे हैं
गांव लोहट निवासी जसविंदर कौर ने कहा कि इंसाफ में हो रही देरी स लोगों का विश्वास पुलिस प्रशासन से उठ रहा है, जबकि क्षेत्र के कुछ नेता फैसले के लिए उन पर दबाव बना रहे हैं। गांव मालेवाल निवासी नरफी राम ने बताया कि उसे आंखों से दिखाई नहीं देता, जबकि उसने अपने भाई व एक रिश्तेदार को अपने नाम पर इस आटो एजैंसी से बाइक लेने के लिए लोन करवाया था, लेकिन लोन करते समय उसके साथ धोखाधड़ी की गई। अब पुलिस की ओर से बार-बार बयान देने के नाम पर उसे परेशानी झेलनी पड़ रही है। उसने कहा कि इस परेशानी का सिला भी उन्हें मिल जाता जब पुलिस आटो एजैंसी के खिलाफ कार्रवाई करती, लेकिन अभी तक बार-बार बयान देने, पांच बार जांच अधिकारी बदले जाने व पुलिस की ओर से शीघ्र ही मामले के संबंध में कार्रवाई करने के आश्वासनों के सिवाए उन्हें कुछ नहीं मिला।





बलाचौर में आटो एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सोसायटी के अध्यक्ष रणजीत सिंह सज्जन, साथ में हैं पीडि़त लोग।

दो साल से नजर खो चुके नरफी राम मामले की जानकारी देते हुए।



दो तीन दिन में पुलिस फैसला लेगी

॥ गणतंत्र दिवस समारोहों की तैयारियों में लगाई गई ड्यूटी की वजह से व्यस्त हूं। पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है। दो-तीन दिन के बाद आटो एजेंसी के मामले में पुलिस किसी फैसले पर पहुंचेगी।

गगनअजीत सिंह, एसपी((डी)) नवांशहर।

> पीडि़त लोगों का कहना है कि पहले बयान के नाम पर पुलिस ने बलाचौर और नवांशहर के लगवाए चक्कर



इतने चक्कर लगाए अब अंदाजा लगाना मुश्किल

गांव टौंसा के रहने वाले स्वर्ण सिंह ने पुलिस प्रशासन से इस आटो एजैंसी के संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए बताया कि वर्ष 2005 उसके भाई ने इस आटो एजैंसी से डिस्कवर मोटरसाइकिल खरीद था। वर्ष 2006 में उसके भाई परमजीत सिंह की एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इस हादसे में क्षतिग्रस्त हुए मोटरसाइकिल का इंश्योरेंस भी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद एजैंसी मालिक ने उससे 21 हजार रुपए की राशि मोटरसाइकिल की रिपेयर के लिए एडवांस में ले ली। स्वर्ण सिंह ने बताया कि सात वर्ष बीत जाने के बावजूद एजैंसी मालिक उसे न तो मोटरसाइकिल दे रहा है और न ही उसके पैसे वापस कर रहा है। अपना कामकाज छोड़कर एजैंसी में इस संबंध में उसने न जाने कितनी बार चक्कर काटे हैं, इसका अंदाजा उसे खुद भी नहीं है, लेकिन जवाब में उसे कल आने की बात कह दी जाती है। यह सिलसिला पिछले सात वर्षों से इसी तरह चल रहा है।