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टैक्स के लिए निगम बनवा रहा हर प्रॉपर्टी की जन्मकुंडली
भास्कर न्यूज - होशियारपुर
प्रॉपर्टी टैक्स न देने वालों के खिलाफ होशियारपुर नगर निगम सतर्क हो गया है। शहर में अभी भी कई ऐसी प्रॉपर्टी हैं जिस पर निगम की नजर पहुंच ही पाई। ऐसी प्रॉपटी की तलाश के लिए निगम ने अब दिल्ली के एक कंपनी के साथ करार किया है। कंपनी सर्वे करके शहर की हर प्रॉपर्टी का ब्योरा निगम को सौंपेगी। 15 मार्च तक। इसके बाद निगन प्रॉपर्टी टैक्स न देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के मूड़े में है।
पता चला है कि नगर निगम ने अपने स्तर पर जब शहर की तमाम प्रॉपर्टी की रिपोर्ट तैयार की तो आंकड़ा 60 हजार पार भी नहीं पहुंचा। इस आंकड़े से निगम अधिकारी संतुष्ट नहीं थे। इसी कारण नई दिल्ली की सर्वेयर कंपनी को शहर के तमाम प्रापर्टी की जन्मकुंडली तैयार कर 15 मार्च से पहले-पहले निगम के पास जमा करने का ठेका दिया गया है।
सीवरेज-पानी व नक्शा पास न करवाने वालों पर शिकंजा
निगम ने नई दिल्ली के फ्यूचरिस्टिक इंजीनियरिंग एंड ट्रैफिक सर्वेयर की सहायता ली है। कंपनी शहर की हर प्रॉपर्टी के साइज व आकार से लेकर उसके मालिक तक का पूरा ब्योरा देगी। फिर निगम के अधिकारी रिपोर्ट की जांच के बाद बकाया की वसूली की रणनीति बनाएंगे। गैरकानूनी तरीके से निगम की सीवरेज-पानी के बिल न भरने व नक्शा पास न करवाने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा।
इस पूरे काम के लिए नगर निगम नए सिरे से शहर में मौजूद गैर रिहायशी ((इंडस्ट्रियल व कॉमर्शियल)) और रिहायशी प्रॉपर्टीज का सर्वे करवा रहा है। निगम ने जो प्रोफॉर्मा तैयार किया है, उससे प्रॉपर्टीज के स्वामित्व से लेकर तमाम दूसरी चीजों को खंगाल कर रिकॉर्ड तैयार होगा। इसी के आधार पर निगम अवैध कनेक्शन की जानकारी हासिल करेगा।
॥इस सर्वे से शहर की हर प्रॉपर्टी का डेटाबेस बन जाएगा। हर प्रॉपर्टी को यूआईडी नंबर अलॉट कर दिया जाएगा। ऐसा होते ही होशियारपुर नगर निगम के दायरे में आती प्रॉपर्टी के मालिक को सभी सेवाएं इसी नंबर के जरिए दी जाएंगी। इससे लोगों को भी सहूलियत रहेगी।
-सुखविन्दर पाल सिंह मुराड़, निगम कमिश्नर
होशियारपुर शहर के नए सर्वे में निगम ग्लोबल इन्फॉर्मेशन सिस्टम ((जीआइएस)) की मदद के साथ फिजीकल तौर पर हर प्रॉपर्टी को यूनीक आइडेंटिफिकेशन ((यूआईडी)) नंबर देगा। यह नंबर प्रॉपर्टी के बाहर पेंट से लिखा जाएगा। फिर इसी नंबर के जरिए उक्त प्रॉपर्टी का मालिक निगम की हर तरह की सेवाओं का लाभ उठा सकेगा। निगम के नए सर्वे में खास बात यह है कि यह मल्टीपर्पज होगा। एक तो इससे प्रॉपर्टी टैक्स की स्क्रुटनी अथवा जांच आसान होगी वहीं, प्रॉपर्टी में पानी -सीवरेज का कनेक्शन अवैध है या वैध, उसका पता चलेगा। यही नहीं, उसको बिल जाता है या वो बिल भरता है या नहीं, इसका भी खुलासा होगा। यूआईडी नंबर के बाद पता चलेगा कि उसका नक्शा पास है या नहीं अथवा वह नक्शे के हिसाब से बनी या नहीं। वहीं, अगर बिल्डिंग और बड़ी बनती है तो सर्वे में मिली फोटोग्राफ्स व ब्योरे से पता करना आसान होगा कि उसने नक्शा पास करवाया या नहीं। कुल मिलाकर निगम हर सेवा का इस सर्वे की रिपोर्ट से आकलन कर लेगा।
सर्वे के साथ-साथ की जाएगी फोटोग्राफी
निगम ने पहले एक कंपनी से लगभग एक लाख यूनिटों का सर्वे करवाया, लेकिन वह कारगर साबित नहीं हुआ। अब नए सिरे सर्वे हो रहा है। इसमें हर प्रॉपर्टीज की फोटोग्राफी होगी। साथ में जगह का साइज क्या है? उसमें कितने मंजिल की बिल्डिंग बनी है? कवर एरिया क्या है? उसका मालिक कौन है? उसमें कौन रह रहा है? अगर किराए पर है तो किराएदार कौन है? निगम से वह क्या- क्या सेवाएं ले रहे हैं? आदि के तमाम ब्योरे जुटाए जाएंगे।
जारी किया जाएगा यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर