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- ब्रह्मज्ञान के उजाले से सभी भेदभाव खत्म हो जाते हैं : कवि दत्त
ब्रह्मज्ञान के उजाले से सभी भेदभाव खत्म हो जाते हैं : कवि दत्त
भास्कर न्यूज - दसूहा
परमात्मा की अनुभूति होने से ही जीवन में समदृष्टि का भाव प्रबल होता है। यह विचार महात्मा कवि दत्त संयोजक गढ़शंकर संत निरंकारी मिशन ने संत निरंकारी सत्संग भवन में आयोजित संत समागम के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। इससे पहले महात्मा डॉ. एसपी सिंह की अध्यक्षता में सेवादल बहनों तथा भाइयों द्वारा क्षमा याचना दिवस मनाय। सेवादल की ओर से समर्पण के भाव पेश करते हुए सेवा के वरदान की कामना करते हुए कहा कि मानवता की सेवा निष्काम भावना, पूरी श्रद्धा तथा निर्मता जीवन का अंग बन जाए।
संत समागम में महात्मा कवि दत्त ने कहा कि जिनके जीवन में प्रभु का निवास होता है, उनके जीवन में हमेशा प्यार के फूल खिले रहते हैं। जब तक कण से कण में रमे हुए परमात्मा की जानकारी इंसान सत्गुरु से प्राप्त नहीं करता जब तक इंसान अंधेरे में ही जीता रहता है। जीवन में से ब्रह्मज्ञान के उजाले से सब प्रकार से भेदभाव समाप्त हो जाते हैं। महात्मा डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि परमात्मा से जुड़ कर ही सोच को सुंदर रूप मिल सकता है। मौके पर मास्टर रेशम सिंह, सुख लाल पंडोरी, डॉ. प्रीति, लखबीर सिंह, सतनाम सिंह, विवेक सिंह, गुरशरण सिंह, दलजीत कुमार, प्रकाश सिंह, बलदेव सिंह चलोत्रा, हरदेव सिंह, देवराज आदि श्रद्धालु उपस्थित थे।
दसूहा - निरंकारी सत्संग भवन में प्रवचन करते महात्मा कवि दत्त।
निरंकारी सत्संग भवन में प्रवचन करते इंजीनियर हरबंस सिंह। मुखी महात्मा मोहन लाल, जसवंत सिंह और गुरसेवक सिंह ने संबोधित किया।-भास्कर
निरंकारी सत्संग भवन में संत सम्मेलन