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पूर्व विधायक साहनी की भाजपा में वापसी तय, सिर्फ घोषणा बाकी

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - बटाला
भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व विधायक जगदीश साहनी की भाजपा में घर वापसी तय हो गई है। पार्टी में वापसी से संबंधित सभी औपचारिकताएं लगभग पूरी हो गई हैं और एक-दो दिन में साहनी की घर वापसी की विधिवत घोषणा होने की संभावना है। इस संबंध में जगदीश साहनी और प्रदेश भाजपा हाईकमान ने एक तरह से पुष्टि कर दी है। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले साहनी खुद भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इससे पहले साहनी वर्ष 1992, 1997 और 2007 में बटाला से भाजपा के विधायक बने थे, लेकिन कई राजनीतिक कारणों के चलते पार्टी के कुछ बड़े नेताओं के साथ वह विवादों में रहे और 12 जनवरी 2012 को खुद ही पार्टी छोड़ दी।
1992 में भाजपा में आए जगदीश साहनी द्वारा बटाला भाजपा को उच्च शिखर तक पहुंचाने में दिए गए योगदान को कोई झुठला नहीं सकता। 1992 और 1997 में साहनी ने भारी मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। पार्टी छोड़ते समय साहनी ने कहा था कि उन्होंने 20 साल पार्टी को सेवाएं दीं, लेकिन कुछ नेताओं ने उन्हें आहत किया है, इसलिए वह पार्टी छोड़ रहे हैं।
तीन बार बटाला से भाजपा विधायक और पंजाब भाजपा में दमदार व्यक्तित्व रहे जगदीश साहनी ने 12 जनवरी 2012 को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र दे दिया था। उन्होंने चंडीगढ़ में कैप्टन अमरिंद्र सिंह की मौजूदगी में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की थी।
साहनी की घर वापसी की संभावना से बटाला भाजपा में ज्यादातर कार्यकर्ता खुश नजर आ रहे हैं। कई सीनियर कार्यकर्ताओं का मानना है कि साहनी के पार्टी में वापसी के बाद बटाला में भाजपा को फिर से मजबूती मिलेगी। दरअसल बटाला सीट अकाली दल को मिलने के बाद एक तरह से बटाला में भाजपा कार्यकर्ताओं के मनोबल में गिरावट आ गई थी। अंबिका खन्ना के नगर परिषद प्रधान पद छोडऩे के बाद फिर से कोई नया प्रधान नहीं बनाए जाने से भी भाजपा कार्यकर्ता निराश हुए थे। अब साहनी की वापसी की संभावना से कार्यकर्ताओं में पार्टी को और मजबूती मिलने की उम्मीद जगी है।




कांग्रेस में रहकर भी कांग्रेस से दूर रहे

कांग्रेस में शामिल होने के बावजूद जगदीश साहनी एक तरह से कांग्रेस से दूर ही रहे। इसी तरह कांग्रेसियों ने भी साहनी को दिल से नहीं अपनाया और उनसे दूरी भी बनाए रखी। 2012 के विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान भी साहनी ने एक बार भी कांग्रेस से स्टेज सांझी नहीं की और न ही कांग्रेस के खुलकर समर्थन के लिए आगे आए।

साहनी के भाजपा छोडऩे के ये रहे थे कारण

: तत्कालीन प्रदेश भाजपा प्रधान अश्विनी शर्मा के साथ साहनी के राजनीतिक मतभेद।

: तत्कालीन सेहत मंत्री लक्ष्मी कांता चावला के साथ विवाद भी समाचार पत्रों में छाया रहा।

: वर्ष 2012 के चुनाव से पहले सीटों की अदला-बदली के कारण बटाला की भाजपा सीट, अकाली दल को दे दी गई थी। इससे काफी खफा हो गए थे।

: भाजपा में हो रही लगातार अनदेखी से भी साहनी आहत थे। इसलिए पार्टी को अलविदा कहा था।

॥ जगदीश साहनी की भाजपा में वापसी के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। न तो प्रदेश नेतृत्व और न ही स्थानीय स्तर पर उनसे संपर्क किया है। ’’

-सुरेश भाटिया, जिला भाजपा प्रधान

साहनी ने अनदेखी से आहत होकर छोड़ी थी पार्टी



विधानसभा चुनाव से पहले हो गए थे कांग्रेस में शामिल, तीन बार रह चुके हैं विधायक

एक-दो दिन में स्थिति स्पष्ट होगी : जमवाल

भाजपा पंजाब के संगठन सचिव अजय जमवाल ने बताया कि साहनी की घर वापसी के संबंध में पार्टी में गंभीरता से कार्रवाई चल रही है, एक-दो दिन में स्थिति साफ हो जाएगी।



जल्द हाईकमान करेगी घोषणा : साहनी

भाजपा में फिर से वापसी पर पूर्व विधायक जगदीश साहनी ने बताया कि पार्टी में वापसी को लेकर सभी औपचारिकताएं लगभग पूरी हो गई हैं और एक-दो दिन में प्रदेश हाईकमान इसकी घोषणा का देगी।