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- ‘प्रकृति से नाता तोड़ा तो झेल रहे दिक्कत’
‘प्रकृति से नाता तोड़ा तो झेल रहे दिक्कत’
भास्कर न्यूज - पटियाला
शिक्षा हमें प्रकृति से जोड़ती है।इसके लिए सभी को इस मूल मंत्र को समझने की जरूरत है। लेकिन आज इंसान ने धरती और प्रकृति से दोस्ती छोड़ दी है। इससे इंसान को कई तरह से नुकसान सहने पड़ रहे हैं।
यह बात पीयू में मेग्सेसे अवार्डी वाटरमैन ऑफ इंडिया राजिंदर सिंह ने तीसरी एनएसएस यूथ कनवेंशन 2014 के दौरान कही। उन्होंने कहा कि वातावरण की संभाल में राज्य की नीतियां, लोगों का नजरिया बहुत प्रभाव डालता है लेकिन आज जरूरत है, देश के भविष्य को बचाने और इसे अच्छा बनाने की। इसके लिए स्टूडेंट्स अपने अपने गांव, शहर या इलाके की नदियों और जल संसाधन का गहरा अध्ययन करें और इनके संभाल के प्रति समाज को जागरूक करें। यूनिवर्सिटी के राष्ट्रीय सेवा योजना विभाग की ओर से आयोजित कनवेंशन में 237 कॉलेजों के 100 प्रोग्राम अफसर समेत 1400 के करीब एनएसएस वालंटियरों ने भाग लिया।
कनवेंशन में हुए काबिल उम्मीदवार सम्मानित
इंदिरा गांधी नेशनल एनएसएस विशेष अवार्ड पाने वाली मनदीप कौर को वीसी ने सम्मानित किया। इसके अलावा प्रो. डीएस मस्ताना, डॉ. सिमरत कौर व डॉ. उषा भाटिया को एनएसएस में उच्च स्तरीय सेवाओं के बदले ‘जीवन गौरव’ सम्मान दिया गया। वीसी ने मौके पर एनएसएस बुलेटिन 2014 भी रिलीज किया।
वीसी डॉ. जसपाल सिंह ने बताया कि आज देश कुदरत की कीमत पर तरक्की कर रहा है। इंसान भौतिकवाद की ओर बढ़ता हुआ प्राकृतिक संसाधनों को खत्म कर रहा है।आज इंसान के सामने दूषित पानी, प्रदूषित हवा और बंजर धरती जैसी गंभीर सामाजिक समस्याएं हैं, जिन्हें अच्छा वातावरण बनाकर ही सुलझाया जा सकता है। प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. परमवीर सिंह ने बताया कि कनवेंशन के दौरान युवाओं की सामाजिक भूमिका और सरोकारों से संबंध में चर्चा होगी ताकि उन्हें देश और समाज के विकास कार्यों में उच्च भूमिका निभाने के काबिल बनाया जा सकते। डिप्टी प्रोग्राम एडवाइजर गुरदीप सिंह भट्टी, डीन अकादमिक डॉ. जसविंदर सिंह, डॉ. अमृतपाल कौर, डॉ. सतीश वर्मा व अन्य मौजूद रहे।
प्राकृतिक संसाधनों को खत्म कर रहा इंसान : वीसी डॉ. जसपाल सिंह