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कमीशन की मांग को लेकर अड़े डिपो होल्डर्स

8 वर्ष पहले
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बलविंदरपाल सिंह - पटियाला
फूड सिक्योरिटी बिल के जरिये 1 लाख 50 हजार के करीब गरीबों को मिलने वाला हजारों क्विंटल अनाज उनकी थाली तक पहुंचने से पहले गोदामों में अटक कर रह गया है।
फूड एंड सिविल सप्लाइज विभाग इस बिल के तहत बांटे जाने वाले राशन का अलग से कोई कमीशन नहीं दे रहा, जिस कारण डिपो होल्डरों ने राशन बांटने से मना कर दिया। फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग ने सभी डिपो होल्डर्स को सूचना दी थी कि वे अपनी लागत के अनुसार गेहूं का पैसा विभाग को देकर गेहूं उठान करा लें।
लेकिन डिपो होल्डर्स ने गेहूं का उठान करने से मना कर दिया और अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया कि जब तक उन्हें इसका कमीशन नहीं मिलेगा तब तक गेहूं नहीं बांटा जाएगा।



आंदोलन की अगली रणनीति तय करने के लिए मीटिंग करते डिपो होल्डर्स।

सरकार अडिय़ल रवैया पर अड़ी इसलिए डिपो होल्डर्स में रोष: जनक

फेयर प्राइस शॉप एसोसिएशन सरहदी गेट स्थित बुंदेला मंदिर में प्रधान जनक राज गर्ग की अगुवाई में बैठक हुई। बैठक में हड़ताल जारी रखने का फैसला किया। जनक ने बताया कि सरकार अपने अडिय़ल रवैया पर अड़ी हुई है और एसोसिएशन की मांगों को अनदेखा कर रही है। जिससे डिपो होल्डर्स में रोष है। उन्होंने कहा कि जब तक एसोसिएशन की मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब तक हड़ताल जारी रहेगा।

फूड सिक्योरिटी बिल के तहत इस योजना को लागू किया

केंद्र सरकार ने फूड सिक्योरिटी बिल के तहत देशभर में इस योजना को लागू किया है। योजना के तहत सभी लाभपात्रों को 2 रुपए प्रति किलो के हिसाब से गेहूं मुहैया कराया जाएगा। राज्यों की आर्थिक स्थिति के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों की 75 और शहरी क्षेत्रों की 50 प्रतिशत तक आबादी लाभांवित होगी। हर महीने प्रत्येक व्यक्ति को 5 किलो अनाज सस्ती दरों पर दिया जाएगा।

जिला में करीब 90 हजार नीले कार्ड धारक हैं। बीपीएल और अंत्योदय के करीब 50 हजार के करीब कार्ड धारक मौजूद हैं। डिपो होल्डर्स की हड़ताल के कारण दो महीनों से इन परिवारों को राशन मुहैया नहीं हो रहा है। जिस कारण इन्हे गरीबी रेखा वाले परिवारों को बाहरी दुकान से महंगे दामों पर आनाज लेकर अपना गुजारा करना पड़ रहा है।

गरीबी रेखा वाले परिवारों को बाहरी दुकान से महंगे दामों पर लेने पड़ रहा आनाज