- Hindi News
- रेडियोलॉजिस्ट 15 दिन की छुट्टी पर, कौन करेगा इलाज
रेडियोलॉजिस्ट 15 दिन की छुट्टी पर, कौन करेगा इलाज
भास्कर न्यूज - पटियाला
माता कौशल्या अस्पताल में जांच कराने आने वाली महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए अगले 15 दिनों तक धक्के खाने पड़ेंगे। क्योंकि अस्पताल की एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट डॉ. हिमप्रीत कौर छुट्टी पर चली गई हैं। उनके छुट्टी पर जाने के बाद अस्पताल प्रबंध के पास गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड कराने का कोई सब्सटिट्यूट नहीं है। अल्ट्रासाउंड सेवा ठप होने के कारण अधिक परेशानी एमरजेंसी मरीजों हो होगी। एमरजेंसी अल्ट्रासाउंड करवाने वाले मरीजों को भी बाहर जाना पड़ेगा।
मैटरनिटी अस्पताल होने के कारण अस्पताल में प्रतिदिन 50 से 60 अल्ट्रासाउंड होते हैं। सेहत विभाग के पास मौजूदा समय में दो रेडियोलॉजिस्ट हैं, जिनमें से एक रेडियोलॉजिस्ट माता कौशल्या में तैनात है। जबकि दूसरा रेडियोलॉजिस्ट समाना, नाभा व राजपुरा में दो दो दिन ड्यूटी देता है।
मजबूरन अल्ट्रासाउंड बाहर कराना पड़ा
ककराला निवासी रामजी तिवाड़ी ने बताया कि गर्भवती पत्नी का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए जब वह विभाग में गया तो पता लगा कि डॉक्टर छुट्टी पर है। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड करने के लिए कहा है, ऐसे में उसे मजबूरन अल्ट्रासाउंड कराने बाहर जाना पड़ेगा।
अल्ट्रासाउंड न होने से हुए परेशान
विर्क कॉलोनी निवासी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि उसके पेट में सुबह से दर्द है। जब डॉक्टर से चेकअप कराया तो उन्होंने अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा बंद होने के कारण अब उसे बाहर निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर में जाना पड़ेगा।
नहीं मिल रहे रेडियोलॉजिस्ट
अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. कैलाश कपूर ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट न मिलने के कारण यह समस्या खड़ी हुई है। सरकार तो इस पद भरने को तैयार है, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट सरकारी अस्पतालों में काम करने को तैयार नहीं हैं।
कहने को तो प्रदेश सरकार ने सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं का इलाज फ्री किया हुआ है। लेकिन एक डॉक्टर की छुट्टी पर जाने के कारण गर्भवती महिलाओं को अब निजी तौर पर 300 रुपए से लेकर 500 रुपए तक अल्ट्रासाउंड कराने पड़ेंगे। अस्पताल में लंबे समय से यह परेशानी सामने आ रही है, लेकिन सेहत विभाग इस समस्या का हल नहीं ढूंढ पाया है।
सरकार ने डिलीवरी केस किए हैं फ्री