समस्या प्रस्तुत करने वाला असली मीडिया
भास्कर न्यूज - पटियाला
मीडिया की विश्व स्तरीय भूमिका एक जैसी है। चाहे वो पाकिस्तानी मीडिया हो या भारतीय मीडिया। हरेक को अपने ख्याल व्यक्त करने की आजादी होनी चाहिए। यह बात पीयू में चल रही तीन दिवसीय दौरान इस्लामाबाद से पहुंची लेखिका फरहीन चौधरी ने कही। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं और उनके हल के लिए लिखने वाला ही असली मीडिया है। लोगों को जोडऩा मीडिया का मकसद होना चाहिए लेकिन ये नहीं भूलनी चाहिए कि आजादी की भी एक सीमा होती है। कांफ्रेंस के दूसरे दिन वरयाम मस्त ने रंगमंच और मीडिया पर चर्चा की। उन्होंने रंगमंच और मीडिया के व्यवहारिक पक्ष को उजागर करते हुए कहा कि मीडिया को लोक पक्षीय रिवायतों को पहल देनी चाहिए।
संगीत विभाग की मुखिया डॉ. निवेदिता सिंह ने कहा कि तकनीक का कोई नैतिक प्रबंध नहीं होता। जनसंचार के संचालक मंडी की मांग के मुताबिक लोक कलाओं को प्रसारित करने में लगे हैं। डांस विभाग की डॉ. इंदिरा बाली ने कहा कि कलाकारों को आर्थिक समस्याएं उन्हें कला बेचने को मजबूर करती हैं। डीन एलुमनी डॉ. गुरनाम सिंह ने कहा कि हमें मीडिया की ताकत को पहचानने की जरूरत है।
अर्थशास्त्री डॉ. सुच्चा सिंह गिल ने कहा कि मीडिया को चाहिए कि ग्रामीण लोगों की भलाई के लिए विकासशील भूमिका निभाए। एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी लुधियाना के डॉ. रणजीत सिंह, अमरजीत सिंह ग्रेवाल, डॉ. बलकार सिंह, जर्नलिज्म विभाग के मुखिया डॉ. हरजिंदर सिंह वालिया, डॉ. नवजीत सिंह जौहल, डॉ. लखविंदर जौहल, डायरेक्टर दूरदर्शन केंद्र जालंधर ओम गौरी दत्त शर्मा, डॉ. जगबीर सिंह, डॉ. धर्म सिंह, डॉ. नासिर नकवी ने अपने विचार प्रस्तुत किए।