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फाइल के साथ निजी लैब की टेस्ट रिपोर्ट तो मरीज नहीं होगा डिस्चार्ज

7 वर्ष पहले
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सोबन गुसांई - पटियाला
राजिंदरा अस्पताल में मरीज की फाइल के साथ निजी लैब की टेस्ट रिपोर्ट लगी होगी तो उसे डिस्चार्ज नहीं किया जाएगा।
अस्पताल में डॉक्टरों और निजी लैब संचालकों की मिली भगत के दैनिक भास्कर के खुलासे के बाद राजिंदरा अस्पताल प्रबंधन ने सोमवार को यह फैसला लिया है। एमएस डॉ. वीके शारदा ने सभी विभाग के हेड को नोटिस जारी कर कहा है कि यदि डॉक्टर व बाहरी लैब मुलाजिम वार्ड में सैंपल लेते मिला तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने फाइल जमा करने वाले स्टाफ से अपील की है कि मेडिकल सुपरिटेंडेंट कार्यालय या फिर डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट कार्यालय को इस तरह की सूचना दें, जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
अब तक राजिंदरा में निजी लैब व डॉक्टर टेस्ट के नाम पर मरीजों से ज्यादा पैसे वसूलते थे। एमएस ने जारी आदेश में कहा है कि यदि किसी वार्ड में निजी लैब के मुलाजिम को सिक्योरिटी गार्ड या अस्पताल की मुलाजिम सैंपल लेता हुआ पकड़ लेता है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। कार्रवाई की सूचना अधिकारियों को भेजी जाएगी।
राजिंदरा में 24 घंटे होंगे टेस्ट: एमएस ने अस्पताल के सभी हेड को आदेश जारी किया है कि 24 घंटे मरीजों के टेस्ट के लिए दो लैब खोली गई हैं। एक एमरजेंसी जबकि दूसरी नई लैब वार्ड नंबर 2 के साथ है। टेस्ट के लिए सरकार ने नया इक्यूपमेंट दिया है। जो जल्द नई लेबोरेट्री में शिफ्ट होने जा रहे हैं। मरीजों के टेस्ट बाहर से न करवाने के लिए पहले भी कई बार आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन डॉ. आदेशों का पालन नहीं कर रहे।
एमरजेंसी में दो को वार्निंग देकर छोड़ा : एमएस के आदेश के बावजूद सोमवार को दो निजी लैब मुलाजिमों को पकड़ा गया, जो वार्ड में सैंपल लेने आ रहे थे। नोटिस का पहला दिन होने के कारण दोनों को नोटिस देकर छोड़ दिया गया। डिप्टी एमएस डॉ. हरशिंदर कौर ने बताया कि दोनों मुलाजिम सैंपल लेने के लिए एमरजेंसी में दाखिल हो रहे थे। उनको सिक्योरिटी गार्ड ने पकड़ा। उनको वार्निंग देकर छोड़ दिया।




२७ के अंक में भास्कर ने बताई थी हकीकत।

कई अहम टेस्ट अस्पताल में होते ही नहीं: भारद्वाज

वार्ड-10 के हेड डॉ. बीएल भारद्वाज ने कहा कि अस्पताल में एचसीवी, एमआरआई, स्पुटम पीसीआर जैसे अन्य कई अहम टेस्ट अस्पताल में नहीं है। एमरजेंसी की हालत में इन टेस्टों को बाहर से कराना पड़ता है। कई बार मरीज खुद ही अस्पताल की टेस्ट पर भरोसा न जताते हुए बाहर से टेस्ट कराने की बात करते हैं। वार्ड में यदि बाहरी मुलाजिम सैंपल लेता है तो यह गलत है। एमएस ने कहा कि सिक्योरिटी गार्ड की मदद से उनको पकड़ा जाएगा। टीम बनाकर जांच होगी

निजी रिपोर्ट दिखे तो डॉक्टर होगा जिम्मेदार

वीके शारदा, एमएस

भास्कर: बाहरी लैब मुलाजिम वार्ड में मरीजों के सैंपल लेकर जा रहे हैं, कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है?

एमएस: सभी हेड को नोटिस भेजा गया है। यदि अब मरीजों की फाइल में निजी रिपोर्ट दिखे तो डॉक्टर इसके लिए जिम्मेदार होगा।

भास्कर: कई टेस्ट अस्पताल में नहीं हैं, डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी।

एमएस: जो टेस्ट अस्पताल में नहीं हैं, उन्हें तो मजबूरन बाहर से कराना होगा।

भास्कर: सैंपल लेने आने वाले बाहरी लैब मुलाजिम पर कैसे शिकंजा कसेगा।

एमएस: सिक्योरिटी गार्ड की मदद से उनको पकड़ा जाएगा। टीम बनाकर जांच होगी।

डॉक्टर व बाहरी लैब मुलाजिमों की मिलीभगत पर कसेगा शिकंजा