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पीडब्ल्यूडी के 56 करोड़ के प्रोजेक्ट पीएचएससी को सौंपे

7 वर्ष पहले
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सोबन गुसांई - पटियाला
सरकार ने लंबे समय से अस्पतालों में बिल्डिंगों का काम कर रहे पब्लिक वक्र्स डिपार्टमेंट ((बिल्डिंग एंड रोड)) से काम छीनकर अब पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉर्पोरेशन ((पीएचएससी)) को सौंपने शुरू कर दिए हैं।
धीरे-धीरे बड़े प्रोजेक्ट पीएचएससी के पास जाने के बाद अब मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में पीडब्ल्यूडी ((बीएंडआर)) विभाग के तैनात किए गए एसडीओ, जेई और इंस्पेक्टर निठल्ले होने लगे हैं।
जिले के अस्पतालों की बात करें तो राजिंदरा अस्पताल और माता कौशल्या अस्पताल में करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट पीएचएससी के खाते में जा चुके हैं। प्रदेश सरकार ने कई प्रोजेक्टों में तो पीडब्ल्यूडी ((बीएंडआर)) व पीएचएससी को नजरंदाज करके कंसल्टेंट कंपनी होस्पिटल सर्विस कंसलटेंट कंपनी ((एचएससीसी)) को सौंप दिया है।
सरकार की ओर से सबसे पहले राजिंदरा अस्पताल में बन रही फिजियोथैरेपी व नर्सिंग कॉलेज की बिल्डिंग में बिजली फिटिंग का ठेका एचएससीसी को दिया गया। एसएचसीसी दिल्ली की कंसलटेंट कंपनी है। जबकि मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में बिजली का काम देखने के लिए इलेक्ट्रिक विंग बनाया गया है, जिसमें एसडीओ, जेई सहित बिजली एक्सपर्ट के 12 लोगों की टीम शामिल है। देखना यह है कि आने वाले समय में और कितने प्रोजेक्ट पीएचएससी को दिए जाते हैं।



प्रोजेक्ट पीडब्ल्यूडी से पीएचएससी को दिए

ञ्चराजिंदरा में बच्चा विभाग की बिल्डिंग 15 करोड़

ञ्चआरएच में नर्सिंग कॉलेज व फिजियोथैरेपी बिल्डिंग 14 करोड़ ((एचएससीसी))

ञ्चमाता कौशल्या अस्पताल में नई बिल्डिंग 17 करोड़

ञ्चमाता कौशल्या नर्सिंग कॉलेज व होस्टल 7 करोड़

ञ्चरेन बसेरा राजिंदरा अस्पताल 2 करोड़

ञ्चरेन बसेरा माता कौशल्या अस्पताल 1 करोड़

पीएचएससी को काम देने की कोशिश

॥पहले पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉर्पोरेशन के पास काम नहीं था। उन्हें भी काम पर लगाने के लिए उन्हें राजिंदरा अस्पताल व माता कौशल्या अस्पताल के कुछ प्रोजेक्ट सौंपे हैं। कुछ पुराने प्रोजेक्ट अभी पीडब्ल्यूडी ((बीएंडआर)) के पास ही हैं। जहां तक कंसल्टेंट कंपनी एचएससीसी की बात है तो वह इलेक्ट्रिक विंग की देखरेख में काम कर रही है। एक साल तक किसी भी तरह का डिफेक्ट आने पर बिजली का काम कर रहा ठेकेदार ही जिम्मेदार होगा।ञ्जञ्ज

बीएस धालीवाल, तकनीकी सलाहकार, मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल

मेडिकल कॉलेज में पीडब्ल्यूडी के बीएंडआर और पब्लिक हेल्थ विंग तैनात किया गया है। बीएंडआर में 1 एसडीओ, 7 जेई जबकि इनके नीचे वर्क इंस्पेक्टर व बेलदार भी हैं। यही हाल पब्लिक हेल्थ विंग का है, जिसमें 1 एसडीओ 3 जेई व वर्क इंस्पेक्टर रखे गए हैं। इसके बावजूद धीरे धीरे बड़े प्रोजेक्ट पीएचएससी के पास जाने के कारण यह अधिकारी निठल्ले हो जाएंगे, जिस कारण विभाग को करोड़ों रुपए का घाटा होगा।

बीएंडआर व पब्लिक हेल्थ विंग के इंजीनियर भी तैनात