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खुलेआम प्रतिबंध के बाद बिक रहे हैं छोटे सिलेंडर
भास्कर न्यूज - पटियाला
9 सिलेंडरों के बाद सब्सिडी न मिलने की स्कीम ने लोगों की जेब पर असर डाला है। इसने छोटे सिलेंडरों के अवैध धंधे को बढ़ा दिया है।
नियम और सुरक्षा को दरकिनार कर छोटे सिलेंडर पटियाला में खुलेआम बिक रहे हैं। बड़ी सब्जी मंडी रोड, सरहंदी बाजार, धर्मपुरा बाजार, त्रिपड़ी टैंक के पास बाजार में बिकने वाले छोटे सिलेंडरों की बिक्री प्रतिबंधित है। काफी समय से फूड एंड सिविल सप्लाईज विभाग ने छोटे सिलेंडरों की चेकिंग नहीं की है। इंडियन ऑयल ने गोरखधंधे पर अंकुश लगाने को इन पांच किलो वाले सिलेंडरों को कमर्शियल रेट पर देने का फैसला किया है। शहर में कितने छोटे सिलेंडर हैं, इसका रिकार्ड खाद्य विभाग के पास नहीं है। विभाग के अफसरों को यह भी नहीं पता कि पांच किलो वाले के छोटे सिलेंडरों की अधिकृत सप्लाई कितनी है? विभाग और कंपनियों के अफसरों का ध्यान घरेलू और कमर्शियल सिलेंडरों की बिक्री पर है।
अधिकृत एजेंसी से ही मिल सकते छोटे सिलेंडर
पेट्रोलियम मंत्रालय ने छोटे सिलेंडरों ((बाजार में मिलने वाले)) पर प्रतिबंधित लगा रखा है। नियमों के अनुसार 5 किलो वाले सिलेंडर की बुकिंग और डिलिवरी केवल अधिकृत गैस कंपनियों की एजेंसियों से हो सकती है। हर एजेंसी के पास छोटे सिलेंडरों का कोटा होता है। जिस तरह से बड़े सिलेंडर मिलते हैं, उसी तरह से कार्ड वगैरह में एंट्री कराकर छोटे सिलेंडर ले सकते हैं।
जो बिक रहे, उनकी गारंटी नहीं
गैस एजेंसियों के पास जो छोटे सिलेंडर है उनमें संबंधित कंपनियों का मार्क लगा है। बाहर दुकानों पर जो छोटे सिलेंडर मिल रहे हैं, उनकी जांच की गई तो पता चला कि इन पर किसी भी कंपनी का कोई मार्क नहीं है। सिलेंडरों के ज्वाइंट की वेल्डिंग रफ है। दुकानदारों से पूछा गया कि सिलेंडर कहां से आ रहे हैं तो उन्होंने जानकारी देने से इंकार कर दिया।
बड़े सिलेंडरों से छोटे में गैस
छोटे सिलेंडरों की रिफिलिंग 14 किलो वाले सामान्य एलपीजी सिलेंडरों से की जाती है। जिस पंप का यूज इसके लिए होता है वह चाइना मेड होता है। इसका एक सिरा बड़े सिलेंडर में और दूसरा छोटे सिलेंडर में अटैच किया जाता है।
अधिकांश पंप पर मीटर नहीं होता है। दुकानदार तीन किलो की बात कहकर केवल डेढ़ से दो किलो गैस डालता है। इनके फिक्स रेट ((350 या उससे ज्यादा)) होते हैं। अफसर कहते हैं कि रिफिलिंग का तरीका और पंप गैरकानूनी हैं, पर कार्रवाई करने में लापरवाही बरत रहा है।
रजिस्टर्ड कंपनियां बेच रहीं सिलेंडर
॥ वैसे तो कुछ कंपनियां रजिस्टर्ड हैं, जो सिलेंडर बेच रही है। जो दुकानदार दुकानों पर सिलेंडर बेच रहे हैं, उनकी चैकिंग के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। जो दुकानदार सिलेंडर बेचता मिला, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।ञ्जञ्ज
अजय वीर सिंह सराओ, डीएफएससी, फूड एंड सिविल सप्लाईज
कमर्शियल रेट पर मिलेंगे छोटे सिलेंडर
॥ छोटे सिलेंडर बेचने की अनुमति किसी को नहीं है। फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग को चाहिए कि वह चेकिंग कर कार्रवाई करे। कालाबाजारी रोकने के लिए कंपनी ने 5 किलो वाले सिलेंडर को कमर्शियल रेट पर बेचने का फैसला किया है।ञ्जञ्ज
मुनीश गुप्ता, एरिया मैनेजर, इंडियन ऑइल
लापरवाही - शहर में जारी गोरखधंधा