सरकारी मंजूरी पर अटकी रेत की कीमत
राणा रणधीर/बलविंदरपाल सिंह - पटियाला
डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल के सूबे में 1 फरवरी से सस्ती रेत मिलने के दावे हवा हवाई लग रहे हैं। पटियाला प्रशासन में रेत के रेट्स को लेकर कशमकश जारी है।
तेपला व होशियारपुर के खड्डों से जिले में रेत लाने के लिए ट्रांसपोटर्स के रेट के टेंडर खुलने के बाद भी इनको ओपन नहीं किया जा रहा है। टेंडर खुलवाने वाले डीटीओ गुरप्रीत सिंह थिंद ने कहा कि ये रेट सरकार की मंजूरी के लिए चंडीगढ़ भेजे जाएंगे, ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद ही उनको सार्वजनिक किया जाएगा।
पटियाला ट्रक यूनियन को नहीं मिला टेंडर
जिला प्रशासन ने तेपला व होशियारपुर की खड्डों से रेत लाने के लिए ट्रांसपोटर्स के रेट मांगे थे। इन टेंडरों को खोलकर ट्रांसपोटर्स के रेट फाइनल करने के लिए डीटीओ, जिला मंडी अफसर व जिला माइनिंग अफसर की कमेटी गठित हुई थी। कमेटी के पास पटियाला ट्रक यूनियन सहित दूसरे ट्रांसपोटर्स ने टेंडर लगाए।
गुरमोहन सिंह व परमिंदर सिंह ट्रांसपोर्टर्स के रेट दूसरे ट्रांसपोटर्स की तुलना में कम है, इसलिए इनको टेंडर अलॉट किए जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
इन्होंने तेपला से पटियाला तक वर्तमान रेट ((ट्रक यूनियन के सामान्य तौर पर मांगे जाने वाले रेट)) से लगभग 1 से 1500 रुपए कम रेट में टेंडर डाले हैं। यही कारण है कि पटियाला ट्रक यूनियन को टेंडर नहीं मिला है।
माइनिंग से जुड़े लोगों का मानना है कि जिला प्रशासन तेपला के जिन खड्ड से ट्रक से रेत लाने की बात कर रहा है, वहां ट्रक का आना-जाना मुश्किल है। तेपला की इस खड्ड से ट्रकों की बजाय ट्रालियों से रेत ढोई जाती है। इसलिए ट्रकों से रेत भरकर कैसे पटियाला सहित आस पास की मंडियों तक पहुंचाई जाती है, यह भी देखना होगा। तेपला खड्ड के रेत की क्वालिटी पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारों ने बताया कि तेपला खड्ड का रेत सबसे घटिया होता है। इस रेत में मिट्टी होने से लोग इसका प्रयोग प्लास्तर और चिनाई में नहीं करते हैं। सरकारी ठेकेदार ही इसका प्रयोग करते हैं। यह रेत अगर सस्ती भी हो तो इसे खरीदेगा कौन।
तेपला खड्ड तक ट्रक का आना-जाना भी मुश्किल
डीटीओ बोले, ट्रांसपोर्टेशन के रेट तय, लेकिन सरकार की मंजूरी मिलने के बाद बताएंगे
सीधी बात : 30 से 40 फीसदी रेत सस्ती होने का अनुमान
गुरप्रीत सिंह थिंद, डीटीओ
भास्कर: टेंडर खुलने के बाद सबसे कम रेट क्या है?
डीटीओ: रेट को मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजना है, उसके बाद ही बता पाएंगे।
भास्कर: रेट पहले के मुकाबले कितने कम हैं?
डीटीओ: रेट अलग-अलग हैं। उदाहरणतया 200, 300 व 400 फीट के रेट शहरों के मुताबिक आए हैं। पटियाला मंडी और समाना मंडी का रेट अलग-अलग है।
भास्कर: कितनी रेत सस्ती हो सकती है?
डीटीओ: 30 से 40 फीसदी रेत सस्ती होने का अनुमान है।
भास्कर: तेपला का रेत घटिया है। इसे तो कोई यूज नहीं करता?
डीटीओ: यह मेरा विषय नहीं है। इसकी जानकारी भी नहीं हैं। होशियारपुर की एक खड्ड के रेट मंगवाए हैं। अगर कोई तेपला का रेत न लेना चाहे तो होशियारपुर के खड्ड की रेत ले सकता है।