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- जैसा मेरे साथ हुआ वैसा किसी दूसरी मां के साथ कभी न हो
जैसा मेरे साथ हुआ वैसा किसी दूसरी मां के साथ कभी न हो
सोबन गुसांई - पटियाला
राजिंदरा अस्पताल में 30 जनवरी 2009 को झिल रोड निवासी मंजीत कौर की तरह छह माताओं ने बच्चा वार्ड अग्निकांड में अपने-अपने नवजात को खो दिया था।
पांच साल बीतने के बाद भी मंजीत कौर कहती हैं कि अस्पताल की लापरवाही से हमने तो अपने नवजात बच्चों को खो दिया है। इस तरह की घटना न हो इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को सतर्क होने की जरूरत है।
घटना से सबक लेते अब राजिंदरा अस्पताल प्रबंधन ने नर्सरी में हीटरों चलाना बंद कर मॉडर्न फोटोथैरेपी का प्रयोग करना शुरू किया है। गायनी वार्ड में टेंपरेरी नर्सरी में वेंटिलेटर तथा फोटो रेडियंट वार्मर लगाए गए हैं। आग से जली नर्सरी पांच साल बाद भी चालू नहीं हो पाई है। बिल्डिंग का काम पूरा हो चुका है। अब तक इसे फाइनल टच नहीं दिया गया है।
नर्सरी पूरी तरह से तैयार होने के बाद पीजीआई की टीम इंस्पेक्शन करेगी, जिसके बाद नई नर्सरी शुरू करवा दी जाएगी। पीजीआई स्तर की बनने जा रही इस मॉडर्न नर्सरी को आधुनिक ढंग से तैयार किया जा रहा है। हाईकोर्ट के रिटायर जज केसी गुप्ता ((घटना की ज्यूडिशियल जांच करने वाले अधिकारी)) ने नर्सरी को तैयार करने के लिए गाइडलाइन जारी किए हुए हैं।
अस्पताल के बच्चा वार्ड के बाहर लगा
हुआ ताला।
अस्पताल के वार्ड के अंदर का दृश्य।
ञ्चराजिंदरा अग्निकांड को बुधवार को पूरे हो चुके पांच साल
ञ्चराजिंदरा व माता कौशल्या प्रबंधन ने नर्सरी में किए सुधार
ञ्चनर्सरी की जली बिल्डिंग पांच साल बाद भी शुरू नहीं
माता कौशल्या अस्पताल में आया सुधार
नवजात बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए माता कौशल्या अस्पताल ने स्पेशल केयर न्यू बोर्न यूनिट ((एससीएनयू)) तैयार की है। ऐसी यूनिट अमृतसर, बठिंडा तथा लुधियाना में ऐसी यूनिट खोली गई हैं। एससीएनयू में नवजात बच्चों के लिए सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई के अलावा फोटोथैरेपी व फिजियोथैरेपी की सुविधा एक यूनिट में मिलेगी। पूरी यूनिट का तापमान पूरी तरह से मेंटेन रखा जाएगा। जिसके लिए स्पेशल स्टाफ की ड्यूटी निश्चित की गई है। यूनिट में एलईडी व बॉडी वार्मर की सुविधा का खास ख्याल रखा गया है।
आगे ऐसा न हो इसका पूरा ध्यान रखा गया है
मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. केडी सिंह ने बताया कि 30 जनवरी को घटी आग की घटना को कभी भूला नहीं जा सकता। भविष्य में कभी इस तरह की घटना न हो इसके लिए आधुनिक नर्सरी तैयार की गई है। नर्सरी में वेंटीलेटर, फोटो रेडिएंट वार्मर, इंक्यूबेटर तथा तापमान सही रखने के लिए एयर कंडीशनर सुविधा दी गई है। दो माह में यह नर्सरी पूरी तरह से तैयार हो जाएगी।
30 जनवरी को घटी इस घटना की सुनवाई अभी भी अदालत में विचाराधीन है। पंजाब सरकार ने इस घटना की जांच ज्यूडिशियल करवाई गई थी। जिसमें उस समय विभाग के हेड डॉ. केके लोचम, स्टाफ नर्स रीटा तथा दर्जा चार मुलाजिम सत्या जैन को आरोपी ठहराकर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। तीनों आरोपी मौजूदा समय के दौरान जमानत पर चल रही हैं। डॉ. केके लोचम तथा दर्जा चार मुलाजिम सत्या जैन को तो सरकार ने दोबारा ड्यूटी ज्वाइन के आदेश भी जारी कर दिए हैं।
मामला अभी भी कोर्ट में विचाराधीन