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गायनी विभाग से २००५ का बर्थ रिकार्ड गुम

7 वर्ष पहले
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सोबन गुसांई - पटियाला
राजिंदरा अस्पताल के गायनी विभाग की लापरवाही फिर सामने आई है। वर्ष 2005 में जन्मे बच्चों का रिकार्ड कहीं गुम हो गया है। कितना रिकार्ड गुम हुआ है, इसकी विभागीय जांच शुरू होनी बाकी है। रिकार्ड गुम होने की सूरत में वह लोग परेशान हैं, जिनके बच्चे इस दौरान जन्मे और वह समय पर बच्चों का जन्म सर्टिफिकेट नहीं बनवा पाए। उस समय जो डॉक्टर यूनिट हेड थीं, वह रिटायर हो चुकी हैं। गायनी विभाग तथा सेंट्रल रजिस्ट्रेशन दोनों ने डाक्यूमेंट्स के मामले में हाथ खड़े कर दिए हैं।
बैहरू की महिला जीवन शर्मा को डिलीवरी के लिए 14 मार्च 2005 को राजिंदरा अस्पताल के गायनी वार्ड में दाखिल किया गया था। जीवन को उस समय यूनिट तीन की हेड डॉ. प्रवीन मरवाहा की यूनिट में भर्ती किया गया। महिला ने लड़के को जन्म दिया। दो दिन अस्पताल में दाखिल होने के बाद उसकी छुट्टी हो गई। डिलीवरी के बाद उन्होंने टेंपरेरी तौर पर बच्चे का सर्टिफिकेट नगर निगम से बनवा लिया, लेकिन अब जब 8 साल का हो गया है तो स्कूल में उससे असली जन्म सर्टिफिकेट की मांग की गई है। जीवन के पति परमजीत कुमार ने बताया कि एक सप्ताह पहले वह अपने बेटे का जन्म सर्टिफिकेट बनाने के लिए सेंट्रल रजिस्ट्रेशन विभाग के पास पहुंचा तो उन्होंने यह कहकर लौटा दिया कि बच्चे की फाइल सीआर विभाग में पहुंचा नहीं। दूसरी ओर गायनी विभाग ने भी फाइल गुम होने की बात कह दी है। ऐसे में अब बच्चे का भविष्य अधर में लटक गया है, क्योंकि बिना जन्म सर्टिफिकेट बच्चे का दाखिला स्कूलों में होना मुश्किल है। अस्पताल में दाखिल मरीज का रिकार्ड मेनटेन करने की जिम्मेदारी पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंट्स की थी। उसने डिस्चार्ज होने तक यह फाइल स्टूडेंट्स के पास होती है। मरीज की छुट्टी होने के बाद यह फाइल सेंट्रल रजिस्ट्रेशन विभाग में जमा हो जाती है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा सख्त नियम बनाए गए हैं कि स्टूडेंट्स जब तक अपनी पूरी फाइल जमा नहीं करवाता तब तक उसे परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा। नियमों के बावजूद भी इस तरह की लापरवाही सामने आई है।
दौणकलां की सुरिंदर सिंह ने बताया कि सितम्बर 2005 को उसकी बेटी हुई। बेटी पहले छोटे स्कूल में पढ़ती थी, किसी तरह दाखिला करवाया। अब वह छठवीं में गई है, जहां दोबारा दाखिला करने के लिए जन्म सर्टिफिकेट मांगा जा रहा है। वह अब तक सीआर व गायनी वार्ड के कई चक्कर लगा चुका है, लेकिन सर्टिफिकेट नहीं मिला है।



सर्टीफिकेट दिखाता एक व्यक्ति।

राजिंदरा अस्पताल

बैहरू की जीवन शर्मा ने मांगा बेटी का बर्थ सर्टिफिकेट, सेंट्रल रजिस्ट्रेशन व गायनी विभाग के हाथ खड़े