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चैरिटेबल एजुकेशनल इंस्टीच्यूट्स को प्रॉपर्टी टैक्स में छूट से इनकार

7 वर्ष पहले
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राणा रणधीर - पटियाला
खुद को चैरिटेबल बताकर टैक्स में छूट हासिल करने वाले शहर के एजूकेशनल इनस्टीच्यूट नगर निगम के निशाने पर हैं। थापर यूनिवर्सिटी सहित शहर के कुछ अन्य स्कूल/कॉलेजों/इंस्टीच्यूट्स ने नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स की रिटर्न फाइल करके टैक्स में 100 फीसदी छूट मांगी है।
निगम ने इन रिटर्नों को खारिज करते हुए इन एजुकेशनल इंस्टीच्यूट्स को नोटिस भेजे हैं। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि चैरिटेबल एजुकेशनल इंस्टीच्यूट्स को नियम के मुताबिक कुल प्रॉपर्टी टैक्स में 50 फीसदी रिबेट दी जाती है। बाकी बनता 50 फीसदी टैक्स इनको भरना ही पड़ेगा। वीरवार को थापर यूनिवर्सिटी के प्रॉपर्टी टैक्स मामले की सुनवाई में यूनिवर्सिटी के डिप्टी रजिस्ट्रार संजीव जैन ने निगम में पक्ष रखा। प्रॉपर्टी टैक्स में 100 फीसदी रिबेट मांगी। निगम ने टीयू की याचिका को यह कह कर खारिज कर दिया है कि 100 फीसदी रिबेट देना नियमों के खिलाफ है।




अगले हफ्ते नोटिस भेज टैक्स भरने को कहा जाएगा

खुद को चैरिटेबल ट्रस्ट बताकर प्रॉपर्टी टैक्स भरने से मना करने वाले शहर के अन्य स्कूल, कॉलेज व एजूकेशनल इनस्टीच्यूट्स की सूची भी निगम ने तैयार कर ली है। इन्हें अगले हफ्ते नोटिस भेजकर टैक्स भरने को कहा जाएगा। एसएसटी नगर स्थित एक बड़ा निजी स्कूल, अर्बन एस्टेट स्थित धार्मिक चैरिटेबल सोसाइटी के बैनर तले चल रहा स्कूल व कुछ अन्य प्राइवेट इंस्टीच्यूट शामिल है। पहली सुनवाई ज्वाइंट कमिश्नर करेंगे जबकि अपील अथार्टी निगम कमिश्नर है। अगर निगम कमिश्नर भी इनके पक्ष में फैसला नहीं सुनाते है तो इन्हें हर हाल में कुल टैक्स का 50 फीसदी टैक्स भरना होगा। ज्वाइंट कमिश्नर ले कहा कि अगले हफ्ते नोटिस भेजकर उचित कार्रवाई की जाएगी।

किस दर से टैक्स वसूल होगा, इसका फैसला नहीं

॥ किसी भी तरह के चैरिटेबल एजुकेशन इंस्टीच्यूट्स चाहे वो रजिस्टर्ड या नहीं, को प्रॉपर्टी टैक्स में 50 फीसदी रिबेट देने का ही नियम है। इसी आधार पर हम रिबेट देने को तैयार है। टीयू की सुनवाई में यह साफ कर दिया है। अभी टीयू से किस दर से टैक्स वसूला जाएगा, इसका फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने तर्क रख दिए हैं, हम इन तर्कों की जांच के बाद अपना फैसला करेंगे। जहां तक शहर के अन्य एजूकेशनल इंस्टीच्यूट्स का सवाल है तो उन्हें अगले हफ्ते नोटिस भेजकर उचित कार्रवाई की जाएगी। ञ्जञ्ज

नाजर सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर नगर निगम

निगम ने टीयू का कुल प्रॉपर्टी टैक्स लगभग 12 करोड़ रुपए बनाया था। 50 फीसदी रिबेट मिलने के बाद यह टैक्स लगभग 6 करोड़ रुपए है। उधर टीयू ने रिटर्न फाइल करके खुद को रजिस्टर्ड चैरिटेबल ट्रस्ट व इनकम टैक्स में छूट मिलने को आधार बनाकर प्रॉपर्टी टैक्स में 100 फीसदी रिबेट लेते हुए टैक्स भरने से मना कर दिया है। थापर यूनिवर्सिटी की ‘निल टैक्स’ की रिटर्न देखकर निगम ने नोटिस जारी करके आज यानि 30 जनवरी को सुनवाई रखी। यूनिवर्सिटी के डिप्टी रजिस्ट्रार संजीव जैन ने निगम में कंपीटेंट अथार्टी ज्वाइंट कमिश्नर नाजर सिंह के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कई तरह के तर्क देकर प्रॉपर्टी टैक्स में 100 फीसदी रिबेट की मांग की है।

टीयू का कुल 12 करोड़ बना प्रॉपर्टी टैक्स