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डाउनलोड करेंअजमेर। अजमेर नगर निगम ने बड़े करदाताओं को नोटिस देने की तैयारी शुरू कर दी है। कर में छूट के दस दिन शेष हैं। निगम को चालू वित्तीय वर्ष में साढ़े तीन करोड़ रुपए से अधिक की राशि वसूल करनी है, जो संभव नजर नहीं आ रहा है।
निगम पहले गृहकर वसूल करता था, लेकिन बाद में सरकार ने गृहकर समाप्त कर दिया था। इसके बाद नगरीय कर लागू कर दिया था। निगम के गृहकर में करोड़ों रुपए गृह करदाताओं में बकाया था। निगम लंबे समय से राशि वसूल करने के प्रयास कर रहा है, लेकिन कामयाब नहीं हो पाया। निगम के कर निर्धारक गजेंद्र सिंह रलावता ने बताया कि नगरीय कर में शहर की 14 हजार संपत्तियां आती है।
इसमें से तीस ऐसे करदाता हैं, जिनमें पांच लाख रुपए से अधिक की राशि बकाया है। इसके अलावा 384 ऐसे करदाता हैं, जिनमें 50 हजार रुपए से अधिक का कर बकाया है। निगम प्रथम चरण में इन लोगों को नोटिस देगी। नोटिस में 15 दिन में बकाया गृहकर की राशि जमा नहीं कराने पर कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में शेष करदाताओं को नोटिस दिया जाएगा।
रलावता ने बताया कि निगम को प्रति वर्ष नगरीय कर से साढ़े चार करोड़ रुपए की आय होनी चाहिए, लेकिन अभी तक एक करोड़ रुपए की आय हो पाई है। चुनाव सहित अन्य कार्यों में व्यस्त होने की वजह से राशि वसूल नहीं हो पाई। उल्लेखनीय है कि एक ओर निगम आर्थिक तंगी का रोना रो रही है, दूसरी ओर अपनी बकाया राशि ही नहीं वसूल कर पा रही है।
31 जनवरी तक के आवेदनों पर छूट
रलावता ने बताया कि सरकार ने बताया राशि जमा कराने वालों को ब्याज और मूल राशि में छूट का प्रावधान किया है। इसके तहत 31 जनवरी तक निगम में आवेदन करने वाले करदाताओं को ही इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि जिन करदाताओं में गृहकर बकाया है, उनके लिए एक साथ बकाया मूल गृहकर जमा कराने पर पचास प्रतिशत की छूट है। बकाया नगरीय कर जमा कराने वालों को ब्याज में दस प्रतिशत की छूट दी जाएगी। निर्धारित अवधि के बाद कोई आवेदन करता है तो उसको छूट का लाभ नहीं मिलेगा।
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