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आतिशबाजी से बचाव

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - अजमेर
धोलाभाटा हाउसिंग बोर्ड कालोनी के लोग बारह महीने आतिशबाजी करने को मजबूर हैं। कारण है इलाके में उत्पाती बंदरों के दल का आतंक। बंदरों को भगाने के लिए इलाके के लोगों को हर समय घर में पटाखे रखने पड़ते हैं। स्थिति यह है कि बंदरों का दल मकानों और दुकानों में धावा बोल देता है, कपड़े और अन्य सामान नजर चूकते ही बंदर ले जाते हैं। क्षेत्र के कई लोगों पर बंदर हमला कर चुके हैं, इससे लोग दहशत में हैं। लोगों का कहना है कि समस्या के बारे में नगर निगम और वन विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन दोनों ही विभाग इस दिशा में कारगर कार्रवाई नहीं कर सके हैं।




मकान की छत पर खतरा

धोलाभाटा हाउसिंग बोर्ड कालोनी निवासी दीपक गहलोत, गीता, मयूर और अन्य लोगों ने बताया कि मकानों की छतों पर बंदरों का कब्जा रहता है। दिन भर बंदर उछल-कूद करते हैं, वे कभी भी हमला करने की स्थिति में रहते हैं। इससे लोग मकान में ही कैद रहने को मजबूर हैं। बुधवार को दीपक गहलोत के मकान की छत से बंदर कपड़े ले गए, बंदरों से साड़ी छुड़ाते समय महिला गिरने से चोटिल भी हो गई। इलाके के बच्चे बंदरों का शिकार हो चुके हैं। इलाके के हरपाल सिंह छाबड़ा के अनुसार समस्या के बारे में नगर निगम प्रशासन को सूचित किया जा चुका है। पूर्व में निगम ने बंदर पकडऩे का काम ठेके पर दिया था, लेकिन यह व्यवस्था कुछ ही समय रही। पिछले चार महीने से बंदरों को पकडऩे के लिए निगम की ओर से कोई प्रयास नहीं किया जा रहा।