25 लाख में से 98 प्रतिशत तक पौधे जीवित!
अजमेर - ग्रामीण विकास एवं पंचायतराज विभाग द्वारा हरित राजस्थान कार्यक्रम के तहत जिले में करीब 6.68 करोड़ रुपए खर्च कर लगाए 25 लाख पौधों में से 98 प्रतिशत जीवित होने का दावा किया गया है। विभाग के इस दावे पर पीपुल फॉर एनीमल्स ने सवाल खड़े किए हैं। इन दावों को झूठ का पुलिंदा बताते हुए सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। संस्था के प्रदेश प्रभारी बाबू लाल जाजू ने गुरुवार को मीडियाकर्मियों के सामने हरित राजस्थान कार्यक्रम की सच्चाई रखी। जाजू ने कहा कि जिले में योजना के तहत 3 वर्ष में 25 लाख 5 हजार 416 पौधे लगा कर 6 करोड़, 68 लाख 82 हजार रुपए खर्च किए। संस्था को यह जानकारी आरटीआई के तहत मिली।
जीवित पौधों के प्रतिशत में ही अंतर : जाजू का दावा है कि विभाग द्वारा 2009-10 में जीवित पौधों का प्रतिशत महज 22.91 प्रतिशत बताया गया है। वर्ष 2011-12 में जीवित पौधों का प्रतिशत 98.14 बताया गया, जबकि 2010-11 में कितने पौधे जीवित रहे, इसका विवरण ही नहीं दिया गया। उन्होंने सवाल उठाए कि 98 प्रतिशत पौधे जीवित होना संभव ही नहीं है। वास्तविकता में जाएंगे तो 20 प्रतिशत भी जीवित मुश्किल मिलेंगे।
10 लाख से अधिक पौधे मरे! : विभाग द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 2009-10 में जिले में 3 करोड़ 81 लाख रुपए खर्च कर 13 लाख 93 हजार 885 पौधे लगाने का दावा किया गया। इनमें से करीब 10 लाख पौधे खत्म हो गए और जीवित बचे पौधों की संख्या 3 लाख 10 हजार 220 है।
एक पौधे पर महज 11 रुपए खर्च! : जाजू के मुताबिक 2011-12 में प्रति पौधा लगाने पर 11 रुपए खर्च बताया गया है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े भ्रमित करने वाले हैं।
11 रुपए में गड्ढा ठीक से नहीं खुद सकता, जबकि विभाग ने गड्ढा खुदवा कर पौधा खरीद कर और लगवा कर मात्र 11 रुपए ही खर्च किए बताए हैं। उन्होंने इन आंकड़ों को कागजी करार दिया।
उच्चस्तरीय जांच हो
जाजू ने राज्य सरकार से पौधों की गिनती कराने, खर्च हुए करोड़ों रुपयों की उच्च स्तरीय जांच कराने व दोषी अधिकारियों से धन वसूलने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार जवाबदेही तय करे और पीडब्ल्यूडी, सरपंच या वन विभाग जिस एजेंसी ने पौधे लगाए हैं, उससे पैसा वसूल करे।
तीन साल में जिले में लगे पौधे एक नजर में
वर्ष लगाए ::::: पौधे ::::: खर्च ::::: जीवित पौधे
2009-10 ::::: 13,93,885 :::::: 3,81,38000 :::::: 3,10220
2010-11 ::::: 9,43,979 :::::: 2,64,1000 :::::: -
2011-12 :::::: 2,07,552 :::::: 23,43,000 :::::: 2,03,698