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- दूरदराज के गांवों में भी उपलब्ध हो चिकित्सा
दूरदराज के गांवों में भी उपलब्ध हो चिकित्सा
भास्कर न्यूज - अजमेर
संभागीय आयुक्त आरके मीणा ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संभाग के दूरदराज के साधनविहीन क्षेत्रों में भी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएं। संभागीय आयुक्त कार्यालय में गुरुवार को आयोजित बैठक में चिकित्सा अधिकारियों ने हिस्सा लिया। संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में राज्य सरकार की ओर से गठित कमेटी की बैठक में अजमेर, नागौर, भीलवाड़ा व टोंक में स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से मेडिकल मोबाइल यूनिट व मोबाइल वैन चलाने के प्रस्तावों पर विचार किया गया। इनके खर्च का भुगतान राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन ((एनआरएचएम)) की ओर से होगा।
संभाग में 25 मोबाइल वैन
संभाग में 25 मोबाइल वैन हैं, जिनमें से 5 अजमेर, 6 भीलवाड़ा, 11 नागौर व 3 टोंक जिलों में संचालित हैं। चार मोबाइल यूनिट भी हैं जिनमें से 2 अजमेर तथा एक-एक भीलवाड़ा व टोंक जिले में दूर-दराज के गांवों में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रही हैं। डॉ मधु विजयवर्गीय ने बताया कि मेडिकल मोबाइल यूनिट में चिकित्सा उपकरण के साथ चिकित्सक, एक्सरे, लैब, रेडियोग्राफर, नर्सिंग स्टाफ, वाहन चालक एवं वार्ड बॉय उपलब्ध हैं। मेडिकल मोबाइल वैन में चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, वार्ड बॉय एवं वाहन चालक आदि शामिल होंगे। बैठक में कमेटी के सदस्य एवं कलेक्टर वैभव गालरिया, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त हनुमान सिंह भाटी, मदस विश्वविद्यालय के मुख्य लेखाधिकारी राजेश शर्मा, जेएलएन अस्पताल के अधीक्षक डॉ पीसी वर्मा, संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा चारों जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद थे।