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डाउनलोड करेंअजमेर। दरगाह परिसर से 26 जून 2010 को अपहृत बालक इब्राहिम को दरगाह थाना पुलिस के दल ने बुधवार को आगरा में बरामद कर जांच के बाद उसके मां-बाप के हवाले कर दिया है। साढ़े तीन साल से आगरा में इब्राहिम को पालने-पोसने वाले राकेश ने बयान में बताया कि इब्राहिम उसे मोहल्ले में ही अनाथालय के बाहर रोता-बिलखता मिला था। इलाके के लोगों और थाना पुलिस के जवानों के कहने पर ही उसने लावारिस बच्चे को सहारा दिया था। पुलिस ने राकेश के बयान की तस्दीक के बाद उसे क्लीन चिट दे दी और इब्राहिम का अपहरण करने वाली महिला के बारे में पड़ताल शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार एसपी के निर्देश पर दरगाह थाने के एएसआई भंवरलाल ने टीम सहित आगरा पहुंच कर इब्राहिम को आगरा में धोबी घाट इलाके में अनाथ आश्रम के पास रहने वाले राकेश पुत्र जगन्नाथ के घर से बरामद किया था। आगरा पुलिस के समक्ष पूछताछ में इब्राहिम को
पालने-पोसने वाले राकेश और उसके परिजन ने बच्चे का अपहरण करने की घटना से साफ इनकार किया। राकेश ने बयान में बताया कि वह स्वीपर का कार्य करता है। साढ़े तीन साल पहले उसे मोहल्ले में स्थित अनाथालय के बाहर बच्चा रोते-बिलखते मिला था, जिसे उसने मोहल्ले वालों और थाना पुलिस के जवानों के कहने पर खुद के घर में रखकर पाला-पोसा था। उसके पहले से ही तीन संतान हैं। इब्राहिम को उसके माता पिता धौलपुर के सैपऊ गांव निवासी विध्या और वजीर खां को सौंप दिया गया। पुलिस इब्राहिम का डीएनए टेस्ट भी कराएगी और कोर्ट के समक्ष शुक्रवार को बच्चे और उसके माता-पिता को पेश करेगी।
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