माता-पिता की सेवा ईश्वर भक्ति
अजमेर - माता-पिता की सेवा करना ही ईश्वर की सेवा है। जिस मनुष्य से उसके माता-पिता संतुष्ट नहीं होते, उसे किसी भी पूजन एवं अनुष्ठान का फल नहीं मिलता। यह विचार वृंदावन के कथा वाचक रामकृष्ण दास महाराज ने न्यू चंद्र नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि अहंकार विनाश का कारण है। कथा में कुंति स्तुति, राजा परीक्षित का जन्म समेत अन्य प्रसंग सुनाए गए। कथा में पूरण मीणा, अशोक जैन, अतुल गुप्ता, जयराम मीणा, चंदन मीणा, वेदप्रकाश कालरा आदि मौजूद थे। कथा आयोजन दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक का है।