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‘खोया-पाया’ नाम था इब्राहिम का आगरा में

8 वर्ष पहले
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अजमेर। साढ़े तीन साल पहले दरगाह कमेटी के दफ्तर से अपहृत बालक इब्राहिम को दरगाह थाना पुलिस ने आगरा से बरामद कर उसके माता-पिता को सौंप दिया, लेकिन इस कार्रवाई पर कोर्ट की मुहर 28 जनवरी को लग पाएगी। इब्राहिम और उसकी मां विद्या के डीएनए टेस्ट की कार्रवाई जेएलएन अस्पताल में सोमवार को होगी।

एसपी ऑफिस परिसर में माता-पिता की गोद में इब्राहिम के चेहरे पर खुशी झलक रही थी, वहीं उसके माता-पिता भी बच्चा पाकर खुशी से फूले नहीं समा रहे थे। साढ़े तीन साल तक आगरा में इब्राहिम राकेश के घर में खोया-पाया नाम से रहा था, लेकिन अब उसे अपना असली नाम इब्राहिम वापस मिल गया है। दूसरी ओर दरगाह थाना पुलिस ने अब उस महिला की तलाश शुरू कर दी है जो फर्जी मां बनकर बच्चे को दरगाह कमेटी के दफ्तर से ले गई थी। बच्चा आगरा कैसे पहुंचा? पुलिस तफ्तीश कर रही है।

जांच अधिकारी एएसआई भंवरलाल शर्मा ने बताया कि इब्राहिम आगरा के दौला थाना इलाके के निवासी राकेश के घर से बरामद किया गया। साढ़े तीन साल से आगरा में इब्राहिम को पालने-पोसने वाले राकेश ने बयान में बताया कि इब्राहिम उसे मोहल्ले में ही अनाथालय के बाहर रोता मिला था।

इलाके के लोगों और थाना पुलिस के जवानों के कहने पर ही उसने लावारिस बच्चे को सहारा दिया था। पुलिस ने बयान की तस्दीक इलाके के लोगों और थाना पुलिस से करने के बाद उसे क्लीन चिट दे दी। आगरा में तफ्तीश में सामने आया कि साढ़े तीन साल पहले राकेश को जब इब्राहिम लावारिस मिला था तो उसने इलाके के लोगों को और पुलिस
थाने पर बच्चे के बारे में जानकारी दी थी, लेकिन पुलिस थाने के जवानों ने बच्चे को लेने से इनकार कर दिया और राकेश को ही बच्चे को पालने-पोसने की सलाह दी थी। इब्राहिम तब से राकेश के पास था।

एसपी को धन्यवाद

बालक इब्राहिम के मिलने पर उसके माता पिता धौलपुर के सैपऊ गांव निवासी विद्या और वजीर खां खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार शाम को गरीब नवाज सूफी मिशन सोसायटी के अध्यक्ष शेखजादा जुल्फिकार चिश्ती के साथ एसपी प्रफुल्ल कुमार से मुलाकात कर उन्हें धन्यवाद दिया। उल्लेखनीय है कि इब्राहिम के आगरा में होने की सूचना पर एसपी ने कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को आगरा भेजा था।

पुलिस टीम और बच्चे के परिजनों को आगरा जाने के लिए खादिमों की संस्था अंजुमन ने वाहन मुहैया करवाया था, जबकि शेखजादा जुल्फिकार ने बच्चे और उसके माता-पिता को 5 हजार रुपए की आर्थिक सहायता भी दी है। सोमवार को पुलिस इब्राहिम का डीएनए भी कराएगी और कोर्ट के समक्ष पेश करेगी।