दरगाह कमेटी व सदस्यों की जीत!
अजमेर. केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्रालय द्वारा दरगाह कमेटी के नाजिम पद से डॉ. अंसार अहमद खान को रिलीव करने के आदेश को दरगाह कमेटी सदर मोहम्मद उबेदुल्लाह शरीफ और सदस्यों की जीत माना जा रहा है। कमेटी ने नाजिम पर असहयोग करने और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए मंत्रालय को एक शिकायती पत्र भेजा था।
कमेटी सदर शरीफ और सदस्यों ने गत वर्ष 13 दिसंबर को ही मंत्रालय को पत्र लिखकर नाजिम पद से डॉ. अंसार अहमद खान को हटाने की मांग की थी। कमेटी सदर ने भी अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए डॉ. खान को नोटिस जारी किया था। बाद में मंत्रालय ने नाजिम डॉ. खान को नोटिस देकर जवाब तलब किया था। डॉ. खान ने अपना पक्ष भी दे दिया था। इसके बावजूद मंत्रालय ने दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों मंत्रालय में निदेशक((पीपी)) धीरज कुमार और निदेशक ल्यूकस एल. कुमसुन को 13 जनवरी को जांच के लिए अजमेर भेजा था। माना जा रहा है कि इन अधिकारियों द्वारा जांच के दौरान जुटाए तथ्यों को आधार बनाकर ही नाजिम डॉ. अंसार को पद से हटाने का रास्ता साफ किया गया है।
पत्र में कोई आरोप नहीं : केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्रालय द्वारा दरगाह नाजिम डॉ. अंसार अहमद खान के रिलीव ऑर्डर में यह स्पष्ट नहीं है कि डॉ. खान को रिलीव क्यों किया गया है। पत्र में केवल डॉ. खान को रिलीव करने और मोहम्मद अफजल को चार्ज सौंपने के निर्देश हैं। नाजिम को किस आधार पर रिलीव किया गया है, इसका खुलासा इस पत्र में नहीं है।