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प्रत्येक वन रक्षक को हर माह 1760 रुपए का नुकसान!
भास्कर न्यूज. अजमेर
वन विभाग में कार्यरत वन रक्षकों को वेतन विसंगति के चलते हर माह 1 हजार 760 रुपए का नुकसान हो रहा है। विसंगति नहीं सुधरने पर यह नुकसान और बढ़ सकता है। यह खुलासा राजस्थान अधीनस्थ वन कर्मचारी संघ ने किया है।
अजमेर समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में वन रक्षक पदों पर कार्यरत कार्मिकों में से अनेक इस पद पर 28-30 वर्षों से कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद पदोन्नति तो उनके लिए सपना है। नियमानुसार 9, 18 और 27 का लाभ भी पूरा नहीं मिल पाया है। हालत यह है कि 30 साल की सेवा होने पर उन्हें अब तक रेंजर ग्रेड सेकंड की वेतन शृंखला का लाभ मिलना चाहिए। संघ से जुड़े कार्मिकों का कहना है कि उन्हें रेंजर ग्रेड सेकंड का लाभ मिलने पर ग्रेड पे 3600 रुपए होना चाहिए, जबकि वे अभी तक केवल 2 हजार 800 रुपए पे ग्रेड पर ही अटके हैं। इस हिसाब से 800 रुपए महीना ग्रेड पे का नुकसान, 800 रुपए महीना डीए का और 20 प्रतिशत की दर से करीब 160 रुपए महीना एचआरए हो जाना चाहिए था, जबकि ऐसा नहीं हुआ। वन रक्षक को 9 साल पर सहायक वन रक्षक, 18 साल पर वनपाल और 27 साल पर रेंजर ग्रेड सेकंड की वेतन शृंखला का लाभ मिल जाना चाहिए था। कई वन रक्षकों को 28 से 30 साल की सेवा के बाद भी वनपाल की वेतन शृंखला का लाभ मिल रहा है।
॥प्रदेश में करीब 4 हजार वन रक्षक हैं। इनमें बड़ी संख्या पुराने वन रक्षकों की है, जिन्हें सही पे ग्रेड नहीं मिलने पर हर माह बड़ी आर्थिक हानि हो रही है। नए वन रक्षकों को भी 600 रुपए महीने का नुकसान हो रहा है। सरकार से वन रक्षकों की पे ग्रेड 2800 रुपए करने का आग्रह किया गया है। इस संबंध में पीसीसीएफ के साथ ही मंत्री को ज्ञापन भी दिए गए हैं।
जसवंत सिंह तंवर, अध्यक्ष, राजस्थान अधीनस्थ वन कर्मचारी संघ