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एडीए बना दिया, कब आएगी काम करने वाली टीम!

8 वर्ष पहले
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रजनीश रोहिल्ला. अजमेर
नगर सुधार न्यास को अजमेर विकास प्राधिकरण में बदलकर उसका कार्यक्षेत्र लगभग दो गुना कर दिया गया लेकिन इसे संभालने के लिए अपेक्षित संख्या में अधिकारी और कर्मचारियों की नियुक्ति अभी तक नहीं हो सकी है। इस कारण मौजूदा अधिकारियों को अपने तय दायित्व के अलावा अन्य कई कार्य भी करने पड़ रहे हैं। एक ओर अधिकारी-कर्मचारी अतिरिक्त कार्य बोझ से जूझ रहे हैं तो दूसरी ओर समस्या समाधान या मामला निस्तारण में विलंब होने से लोगों की परेशानी भी बढ़ रही है। लोगों को एक काम के लिए एडीए कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। यूआईटी से एडीए बना तो शहर के विकास को ऊंचाइयां मिलने की चर्चा हुई। एडीए क्षेत्र में किशनगढ़ और पुष्कर सहित आस-पास के कई क्षेत्रों को शामिल किया गया। बढ़े हुए काम निबटाने के लिए जितने अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्तियां होनी चाहिए थी वो अब तक नहीं हुईं। ऐसे में गिनती के कर्मचारियों पर काम का बोझ आ पड़ा है। एडीए कार्यालय में हर दिन फाइलों का अंबार लग रहा है।



एडीए बनने के साथ ही सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या निर्धारित कर दी थी।इसके तहत कुल 226 अधिकारी और कर्मचारी लगाए जाने थे लेकिन ऐसा हुआ नहीं। केवल 74 अधिकारी और कर्मचारी काम संभाल रहे हैं।

यह पद किए थे सरकार ने सृजित : एडीए के काम निबटाने के लिए सरकार ने उपाध्यक्ष एवं आयुक्त का पद सृजित किया था। इस पर एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को लगाया जाना है। इसी तरह निदेशक अभियांत्रिकी,

निदेशक नगर आयोजना, निदेशक वित्त और निदेशक विधि के पद सृजित किए थे। इनमें से एक भी पद पर अधिकारी नियुक्त नहीं हैं। उपायुक्त वरिष्ठ के भी तीन पद रिक्त हैं। अभियांत्रिकी विभाग में कुल 64 पद स्वीकृत हुए। इनमें मुख्य अभियंता का एक और जोनल अभियंता के 3 पद रिक्त हैं। सहायक अभियंता के 12 पदों की तुलना में केवल दो अभियंता हैं। इस विभाग के पास 23 अधिकारी और होने चाहिए। लेखा प्रकोष्ठ में सहायक लेखा अधिकारी के दो और कनिष्ठ लेखाकार के 6 पद रिक्त हैं। विधि विभाग में वरिष्ठ विधि अधिकारी और कनिष्ठ विधि अधिकारी का एक एक पद रिक्त है। नगर आयोजना विभाग में उपनगर नियोजक का ही पद रिक्त पड़ा है। विभाग में एक नगर नियोजक सहायक, 2 वरिष्ठ प्रारूपकार, 3 सर्वेयर, 2 प्रारूपकार, 3 ट्रेसर अनुरेखक और 1 फोरमैन का पद रिक्त है। प्रवर्तन प्रकोष्ठ में एक पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी एवं

प्रवर्तन निरीक्षक का एक पद और कांस्टेबल के 6 पद रिक्त है। भूमि प्रकोष्ठ में 1 तहसीलदार, 1 भू अभिलेख निरीक्षक और 9 पटवारियों के पद रिक्त हैं। इसी तरह निजी सचिव, वरिष्ठ निजी सचिव, निजी सहायक, स्टेनो, कार्यालय अधीक्षक, कार्यालय सहायक, वरिष्ठ लिपिक, कनिष्ठ लिपिक और सहायक कर्मचारियों के कुल 42 पद रिक्त हैं। कंप्यूटर अनुभाग में 16 पद रिक्त हैं।

॥एडीए अध्यक्ष को रिक्त पदों की भर्ती की जानकारी देकर अधिकारियों और कर्मचारियों की जल्दी भर्ती का आग्रह किया गया है। कर्मचारियों की संख्या बहुत कम होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। काम भी प्रभावित हो रहा है।’ विनीता श्रीवास्तव, सचिव, एडीए

226 की तुलना में मात्र 74 अधिकारी-कर्मचारी