नूरजहां ने दाराशिकोह को यहीं दिया जन्म
इतिहास में अगर झांका जाए तो कई ऐसी जानकारी निकलकर आती हैं जो आज के युवाओं को शायद ही पता हो। शाहजहां जब इस किले में आकर रुके थे। तब उनकी पत्नी नूरजहां ने बेटे दाराशिकोह और आलम आरा को इसी किले में जन्म दिया बताया।
तीन साल तक अजमेर में रुका था जहांगीर
मुगल शासक जहांगीर यहां सन 1613 से 1616 तक अजमेर के किले में आकर रुका। 1576 के हल्दीघाटी युद्ध की योजना भी इसी अजमेर के किले में बैठकर बनी थी। अजमेर के किले का निर्माण आगरा और खाटू के पत्थरों से किया गया। किले पर कुछ समय के लिए मराठाओं का भी अधिकार रहा है