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पहली से आठवीं तक अब एक ही विषय पढ़ाएगा शिक्षक

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - अजमेर
रीडिंग कैंपेन कार्यक्रम के फॉलोअप के रूप में अब स्कूलों में गुणवत्ता शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत अब आवंटित पीरियड के मुताबिक पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक शिक्षक एक ही विषय पढ़ाएगा। पांचवीं तक के बच्चे पेंसिल से कार्य करेंगे और जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या के मुताबिक शिक्षक होंगे, वहां पर पहली व दूसरी कक्षा के बच्चे अलग-अलग बैठेंगे।
सर्व शिक्षा अभियान के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक महावीर सिंह राठौड़ ने बताया कि विद्यालयों में गुणवत्ता शिक्षा के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इसी के तहत यह कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब तक एक शिक्षक के पास अलग-अलग कक्षा में अलग-अलग विषय थे, इससे एक दूसरे पर बला टाल दी जाती थी। कोई बच्चा हिंदी में कमजोर मिलता तो शिक्षक का यही जवाब रहता कि पहले इस बच्चे को उन्होंने हिंदी नहीं पढ़ाया, यह उनकी कक्षा में अब आया है। लेकिन नई व्यवस्था के तहत पहली में हिंदी पढ़ाने वाले शिक्षक ही उसे आगे तक की कक्षाओं में भी हिंदी ही पढ़ाएगा। कार्य योजना में शिक्षकों के साथ-साथ प्रधानाध्यापकों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसएमसी की हर माह बैठक आयोजित करने के अलावा माह के अंतिम दिन स्टाफ की भी बैठक लेनी होगी। दैनिक व वार्षिक योजना के अलावा गृह कार्य का भी स्पष्ट उल्लेख करना होगा। उन्हें लिखित व गृह कार्य की योजना बनाकर अधीनस्थ शिक्षकों के निरीक्षण भी करने होंगे। प्रतिदिन एक शिक्षक द्वारा जांची गई कॉपी को भी चैक करना होगा। राठौड़ ने बताया कि ब्लाक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों व संस्था प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं कि 31 मार्च तक ‘सी’ स्तर के बच्चों को ‘बी’ और जो ‘बी’ स्तर के हैं, उन्हें ‘ए’ ग्रेड में लाने के लिए कार्ययोजना बनाएं। इसके अलावा गृह कार्य निरीक्षण के दौरान गलतियों पर लाल स्याही से गोले लगाकर विद्यार्थियों से अशुद्धि को पांच बार लिखवाकर शुद्ध करवाए।
कारण बताओ नोटिस व चेतावनी पत्र
सीडिंग कैंपेन में जिन स्कूलों में 50 प्रतिशत से अधिक बच्चे ‘सी’ स्तर के पाए गए हैं उन स्कूलों के संस्था प्रधानों को कारण बताओ नोटिस और 20 से 50 प्रतिशत के बीच वाले स्कूलों के संस्था प्रधानों को चेतावनी पत्र थमाए गए हैं।