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डाउनलोड करेंअजमेर. अजमेर दक्षिण की विधायक अनिता भदेल ने विधानसभा में आनासागर झील एस्केप चैनल का मुद्दा उठाया। भदेल ने सदन को बताया कि झील का पिछले करीब दस वर्षों से जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है। 1971-72 में आई बाढ़ के बाद एस्केप चैनल का निर्माण किया गया था। प्रशासन की उदासीनता के चलते एस्केप चैनल पूरी तरह से नाले के रूप में तब्दील हो चुका है।
यह एस्केप चैनल शहर के करीब 15-20 वार्डों से होकर गुजर रहा है। पूर्व में झील के पानी की निकासी के लिए एस्केप चैनल बनाया गया था। लेकिन वर्तमान में इसने गंदे नाले का रूप ले लिया है।
भदेल ने सदन में इस बात पर नाराजगी जताते हुए कहा कि निगम के सफाई कर्मचारी कचरा, कचरा डिपो में डालने के बजाय एस्केप चैनल में ही डाल देते हैं। हैरत की बात यह है कि आरयूआईडीपी ने भी सीवरेज लाइन भी एस्केप चैनल में डाल दी है। इसके बड़े-बड़े चैंबर पानी के बहाव में बाधा पहुंचाते हैं।
तेज बरसात में नालों का पानी आसपास की कॉलोनियों में भर जाता है। इस वजह से सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। जिला प्रशासन को सड़क की मरम्मत के लिए करोड़ों रुपए खर्च करने पड़ते हैं। लेकिन समस्या जस की तस बनी रहती है। भदेल ने सदन से मांग की है कि एस्केप चैनल की नियमित सफाई होनी चाहिए।
अभी साल में एक बार इसकी सफाई होती है। ठेकेदार द्वारा जेसीबी को नाले में उतार दिया जाता है, जिससे नाला भी क्षतिग्रस्त हो जाता है। लेकिन एस्केप चैनल से पूरी मिट्टी को बाहर नहीं निकाला जाता है। हर वर्ष लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता है।
भदेल ने सुझाव दिया कि इसका समय-समय पर रख रखाव हो, ी सही तरह से सफाई की जाए। एस्केप चैनल में कचरा नहीं डालने के लिए निगम के सफाई कर्मचारियों को पाबंद किया जाए। हर वार्ड में कंटेनर रखे जाएं। उन्होंने कहा कि कई वार्डों में तो कचरा डिपो तक नहीं है। यदि कचरा डिपो बन जाते हैं तो एस्केप चैनल को इससे मुक्ति मिल सकेगी।
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