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वेंडर को भुगतान न होने से अटके राशन कार्ड!
भास्कर न्यूज - अजमेर
वेंडर को भुगतान नहीं होने के कारण प्रदेश के 22 जिलों में करीब पांच लाख उपभोक्ताओं के नये राशन कार्ड अटके पड़े हैं। 22 जिलों में बने सवा दो करोड़ में जो राशनकार्ड वितरित हुए हैं उनमें गलतियां बेशुमार हैं, इस कारण राज्य सरकार ने वेंडर का भुगतान रोक लिया। वेंडर को गलतियां सुधारने के लिए कहा गया है। इधर भुगतान नहीं होने के कारण वेंडर द्वारा शेष उपभोक्ताओं के राशनकार्ड बनाने का काम ठंडे बस्ते में जाता नजर आ रहा है। रसद सूत्रों के मुताबिक प्रदेशभर में अजमेर, चूरू, हनुमानगढ़, बीकानेर, पाली, सवाईमाधोपुर, टोंक, उदयपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, कोटा, सिरोही, नागौर,भीलवाड़ा, सिरोही, चित्तौडग़ढ़, डूंगरपुर सहित अन्य 22 जिलों के करीब 2.15 करोड़ नये राशन कार्ड बनाने का ठेका गुजरात की फर्म गुजरात इंफोटेक लिमिटेड को दिया गया था। इन 22 जिलों में हर जिले में लगभग 80 प्रतिशत नए राशन कार्ड बनकर तैयार हो वितरित किए जा चुके हैं। राज्य सरकार ने वेंडर को पांच प्रतिशत राशि एडवांस देकर काम शुरू करवाया था। शेष 95 प्रतिशत पेमेंट किया जाना है। पेमेंट मिलने में हो रही देरी के कारण वेंडर ने सभी जिलों के शेष नए राशनकार्ड बनाने का काम रोक दिया।
अजमेर में 50 हजार बाकी
अजमेर जिले में करीब 7.50 लाख नये राशन कार्ड बनने थे। इनमें से 7 लाख बनकर तैयार हो वितरित हो चुके हैं । शेष 50 हजार प्रिंट होकर आने हैं। वेंडर को यहां एडवांस के तौर पर 5 लाख रुपए दिए गए थे, शेष 90 लाख रुपए का पेमेंट अभी नहीं किया गया। इस वजह से बचे हुए उपभोक्ताओं के राशन कार्ड अटके पड़े हैं। पेमेंट मिलने में जितनी देरी होगी उतना ही समय राशनकार्ड बनने व वितरित होने में लगेगा।
कैसे सुधरेंगी गलतियां?
नये राशन कार्ड में आधे से ज्यादा में नाम, पते, उम्र, संबंध सहित अन्य एंट्री में भारी गलतियां हैं। रोजाना जिला रसद विभाग में बड़ी संख्या में उपभोक्ता राशनकार्ड की गलतियां सुधार करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। रसद अधिकारी मैनुअली इन गलतियों में सुधार कर रहे हैं, लेकिन उपभोक्ताओं में इस बात से जबर्दस्त नाराजगी है कि जब नये राशन कार्ड के पैसे लिए जा रहे हैं तो वे क्यों गलतियों वाला राशन लें। रसद विभाग में इस बात पर उपभोक्ता कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं और अधिकारियों को खरीखोटी सुना चुके हैं।
जो पहले रह गए थे, उनका क्या होगा?
नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने से वंचित रहे उपभोक्ताओं के राशनकार्ड बनने में अब और ज्यादा समय लगेगा। रसद विभाग का कहना है कि जब तक सभी उपभोक्ताओं को नए राशनकार्ड नहीं मिल जाते तब तक राशनकार्ड बनेंगे। पूर्व में वंचित रहे उपभोक्ताओं से राशनकार्ड के लिए आवेदन कब मांगे जाएंगे, इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है। जब तक शेष 50 हजार उपभोक्ताओं को नये राशन कार्ड नहीं वितरित हो जाते तब तक वंचित लोगों से आवेदन नहीं मांगे जाएंगे।