तकनीकी शिक्षा को प्रभावी बनाने पर चर्चा
अजमेर - राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में ‘करिकुलम डवलपमेंट एंड एक्जीक्यूशन’ विषय पर सात दिवसीय फेकल्टी डवलपमेंट प्रोग्राम शुरू हुआ।
मानविकी एवं विज्ञान विभाग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग द्वारा आयोजित इस प्रोग्राम में विभिन्न तकनीकी विषय विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की। आज के परिप्रेक्ष्य में तकनीकी शिक्षा का क्या कोर्स हो, किस प्रकार से कोर्स डिजाइन किए जाएं और कैसे तकनीकी शिक्षा को रोजगारोन्मुखी बनाया जाए, इस पर गहन विचार विमर्श किया गया। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि प्रो संदीप संचेती, प्रेसीडेंट, मनिपाल यूनिवर्सिटी, जयपुर ने कहा कि आज की आवश्यकता को देखते हुए इंजीनियरिंग के सिलैबस को दुबारा रि-स्ट्रक्चर किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि तकनीकी शिक्षा में बहुत तेज गति से बदलाव हो रहा है। इसमें मानविकी, बेसिक विज्ञान, मैनेजमेंट विषयों का समावेश किया जाना चाहिए। प्राचार्य डॉ एमएम शर्मा ने कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
मुख्य संयोजिका डॉ सरोज लखावत ने बताया कि कार्यक्रम में प्रो एनपी कौशिक, प्रो अनिल माथुर आरटीयू कोटा, प्रो केके शर्मा ((रिटा.)) एमडीएसयू अजमेर, प्रो सीबी गुप्ता बिट्स पिलानी, प्रो सुनिल जोशी महाराणा प्रताप विश्वविद्यालय उदयपुर, प्रो केआर नियाजी, एमएनआईटी जयपुर एवं प्रो ओपी वर्मा नई दिल्ली शिरकत करेंगे।