‘आरपीएससी का विखंडन बर्दाश्त नहीं’
अजमेर - राज्य सरकार द्वारा राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड के पुन: गठन की कवायद का राजस्थान लोक सेवा आयोग कर्मचारी संघ ने विरोध शुरू कर दिया है। कर्मचारी संघ ने इसे आयोग के विखंडन की संज्ञा दी है और इसे अजमेर की अस्मिता का सवाल बताकर जिले के जनप्रतिनिधियों से इस मामले में दखल की मांग की है। इधर आयोग कर्मचारी संघ की गुरुवार को इस संबंध में आवश्यक बैठक होगी। राजस्थान अधीनस्थ सेवा एवं मंत्रालयिक चयन बोर्ड के संबंध पुन: नोटिफिकेशन जारी कर दिए जाने संबंधी समाचार आने के बाद आयोग कार्मिकों में असंतोष पनपने लगा है। आयोग कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दयाकर शर्मा ने कहा कि सरकार की यह कवायद अनावश्यक है। आयोग की देशभर में साख बनी है और अभ्यर्थियों में विश्वास जमा हुआ है।
बोर्ड से कम स्टाफ, लेकिन 20 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा
दयाकर शर्मा का कहना है कि आयोग में मात्र 250 ही कार्मिक स्वीकृत हैं, लेकिन हर साल 18 से 20 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा आयोजित की जाती है। जबकि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में 853 का स्टाफ स्वीकृत है और बोर्ड करीब 18 लाख विद्यार्थियों की परीक्षा आयोजित करता है।
आधे संसाधन भी मिल जाएं, तो आर्थिक बोझ कम
शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार नया चयन बोर्ड गठित करने पर जो संसाधन जुटाएगा, उससे आधे संसाधन भी आयोग को मिल जाएंगे, तो सरकार का आर्थिक वहन कम होगा। नया बोर्ड गठित होने पर नए भवन के साथ ही नया स्टाफ भी लगाना पड़ेगा। इससे आर्थिक भार और बढ़ेगा।
आयोग के प्रति है विश्वास
पिछली सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम समय में थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा जिला परिषदों के माध्यम से आयोजित करने का फैसला किया था। सरकार के इस निर्णय का प्रदेश के विभिन्न जिलों में विरोध हुआ था और आरपीएससी से ही ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित कराने की मांग की गई थी।
पूर्व अध्यक्ष ने भी किया विरोध
आयोग कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष पूरण मीणा ने भी सरकार की इस कवायद का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि नए बोर्ड से अभ्यर्थियों को भी नुकसान होगा। आयोग की विश्वसनीयता अभ्यर्थियों में बनी हुई है।
सड़कों पर उतरेंगे, आज बैठक
दयाकर शर्मा का कहना है कि आयोग कर्मचारी संघ इस कवायद के विरोध में आवश्यकता पड़ी तो सड़कों पर भी उतरेगा। इस संबंध में गुरुवार को बैठक होगी। उन्होंने राज्य सरकार से इस मंजूरी पर पुनर्विचार कर वापस लेने का आग्रह किया है।
आरपीएससी का काम आधा रह जाएगा
आयोग सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में आरपीएससी राजपत्रित, मेडिकल सेवा, इंजीनियरिंग सेवा, शिक्षक भर्ती, पीटीआई भर्ती, एलडीसी समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाएं आयोजित कर रहा है। अधीनस्थ बोर्ड गठन होने के बाद आयोग के पास आधा ही काम रह जाएगा। सूत्रों के मुताबिक एलडीसी, थर्ड ग्रेड टीचर भर्ती, सेकंड ग्रेड टीचर्स भर्ती, पीटीआई समेत विभिन्न भर्तियां नए बोर्ड को मिल जाएंगी।