गीत-संगीत ने बांधा समां
भास्कर न्यूज - अजमेर
प्रोफेसर एमएम सालुंखे ने कहा कि विश्व शक्ति के रूप में देश को उभरने के लिए वांछित संसाधनों की कमी हो सकती है, किंतु देश के पास उत्साह से भरे हुए युवा हैं। जहां एकल संस्कृति व एकिक धर्म प्रधान देश आज बिखरने के कगार पर हैं वहीं विविधतापूर्ण सांस्कृतिक व धार्मिक परंपराएं भारत को एक सूत्र में बांधे हुए है। सालुंखे गुरुवार को एमडीएसयू में छात्र कल्याण के अंतर्गत आयोजित 5वें युवा महोत्सव व अंतर विश्वविद्यालय सांस्कृतिक प्रतियोगिता बणी-ठणी के शुभारंभ के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।
ऐसे कार्यक्रमों से बनता है शिक्षा का वातावरण
एमडीएस के कार्यवाहक कुलपति तथा बणी-ठणी कार्यक्रम के अध्यक्ष रामखिलाड़ी मीणा ने कहा कि शिक्षा मंदिर से एक लंबे अंतराल के बाद मेरा जुडऩा मुझे अभिभूत करता है। विवि में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए हुए प्रतिभागियों को इस प्रकार से कार्यक्रम मेलजोल बढ़ाने व समाज में शिक्षा के लिए वातावरण बनाने में सहायता मिलेगी। छात्रसंघ अध्यक्ष राकेश घोसल्या ने प्रतिभागियों को अनुशासन के साथ अपना संपूर्ण प्रदर्शन करने का आह्वान किया। अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ$ शिवदयाल सिंह ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह दिए। डॉ राजू शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। बणी-ठणी में 20 विवि की टीमें भाग ले रही हैं।