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डाउनलोड करेंबृजमोहन शर्मा, अलवर। बिजली के बिल जमा करने को लाइन में घंटों इंतजार नहीं करना पड़े। पेनल्टी लगने की चिंता नहीं। मोबाइल फोन की तरह प्रीपेड कूपन लाए और रिचार्ज कर लिया। आपको यह बात अटपटी लगेगी पर शहर की कृषि उपज मंडी और सब्जी मंडी में पिछले दो साल से प्रीपेड मीटर की नई व्यवस्था से बिजली आपूर्ति हो रही है। इस सुविधा का उपयोग कर रहे उपभोक्ताओं का यह कहना है शहर में ऐसी व्यवस्था हो तो बिजली की छीजत पर अंकुश लगेगा। यह व्यवस्था कृषि उपज मंडी की ओर से की गई है।
इस व्यवस्था को न्यूनतम बिजली छीजत वाली व्यवस्था माना जा रहा है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं के लिए भी राहत देने वाली माना जा रहा है। पहले से प्रीपेड जमा कराने के बाद उपभोक्ता खुद ख्याल रखने लगे है कि बिजली का कितना उपयोग हुआ। कहीं व्यर्थ लाइट तो नहीं जल रही। बिजली के उपयोग को लेकर उपभोक्ता सावधानी बरतने लगा है।
बिजली मीटर में रिजर्व पाइंट
बिजली के प्रीपेड मीटर में रिजर्व पाइंट तय है। जैसे ही 95 रुपए की राशि उपभोक्ता के प्रीपेड अकाउंट में बचेगी। एक बार लाइट गुल हो जाएगी। इसके बाद रिजर्व राशि के उपयोग के लिए डिवाइस में लगा बटन दबाते ही बिजली आपूर्ति शुरू हो जाएगी। ठीक वैसे ही जैसे मोटर साइकिल में रिजर्व पेट्रोल लेवल आने पर होता है। रिजर्व पाइंट से उपभोक्ता को सूचना मिलती है कि अपने अकाउंट में रिचार्ज डलवाएं।
क्या-क्या फायदे
कृषि उपज मंडी समिति के सचिव इसाक हारून के अनुसार इस व्यवस्था के लिए दोनों मंडियों में कोटेड((इंसुलेटर केबल))तार लगवाए गए हैं। इससे मंडियों में बिजली की चोरी नहीं हो रही। खुले तारों के कारण लोग बिजली का उपयोग कर लेते थे। अब ऐसा नहीं होता है। जितना बिजली का उपयोग उतनी राशि खर्च। कम उपयोग से बिजली का प्रीपेड कूपन अधिक दिन चलेगा। यह सोच अधिक खर्चा करने से रोकती है। बिल व पेनल्टी का झंझट नहीं। शहर में भी ऐसी व्यवस्था हो तो लोगों को राहत मिलेगी। हमारे यहां यह व्यवस्था पिछले दो साल से बिना किसी अवरोध के चल रही है।
क्या कहते हैं उपयोग करने वाले
‘बिजली की प्रीपेड व्यवस्था राहत देने वाली है। इसने बिजली के प्रति किफायत बरतना मंडी के लोगों को सिखाया है। शहर में ऐसी व्यवस्था बिजली निगम की ओर से की जाए तो छीजत कम होने के साथ बिजली का सदुपयोग करना भी लोग सीखेंगे।
ब्रजभूषण गुप्ता, अध्यक्ष, केडलगंज व्यापारिक संचालन समिति।
‘शहर में बिजली की छीजत कम करनी है तो इस तरह की व्यवस्था के बारे में सोचना होगा। इस व्यवस्था से व्यापारियों को राहत मिली है तो कृषि उपज मंडी समिति की मुश्किलें भी घटी है। शहर में ऐसी व्यवस्था हो और रिचार्ज कूपन सरलता से मिलने की व्यवस्था हो तो बिजली निगम के कई खर्चे बच जाएंगे तो उपभोक्ताओं की परेशानी भी कम होंगी।
सुरेश चंद अग्रवाल जलालपुरिया, पूर्व अध्यक्ष, केडलगंज व्यापारिक संचालन समिति।
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