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तंबाकू नियंत्रण को नैतिक जिम्मेदारी समझें अधिकारी
भास्कर न्यूज क्चअलवर
जिला कलेक्टर आर. एस. जाखड़ ने कहा कि तंबाकू नियंत्रण अधिनियम की अनुपालना के लिए सभी अधिकारी नैतिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। अधिकारी अधिनियम की पालना के लिए आमजन को जागरूक करें।
जिला कलेक्टर शुक्रवार को जिला परिषद सभाकक्ष में आयोजित जिला कोटपा स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संस्था प्रधानों को पाबंद करें कि वे विद्यालय में प्रार्थना सभा के दौरान तंबाकू के दुष्परिणामों की जानकारी दें। उन्होंने स्कूलों की 100 गज की परिधि में किसी भी प्रकार के तंबाकू गुटखा उत्पाद की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं की बैठकों में भी धूम्रपान के दुष्प्रभावों की जानकारी दें। निर्मल गांव क तर्ज पर धूम्रपान मुक्त गांव बनाने के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित करें। जिला कलेक्टर ने चिकित्सकों से आह्वान किया कि वे उपचार के दौरान मरीजों को धूम्रपान से होने वाली बीमारियों एवं उसके दुष्परिणामों की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि कानून एक माध्यम है, लेकिन तंबाकू मुक्ति के लिए स्वयं की जागरुकता अधिक प्रभावी है। उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना अपराध है। इसका उल्लंघन करने पर 200 रुपए जुर्माना वसूल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों के प्रभारी यह सुनिश्चित करें कि द पृष्ठभूमि के बोर्ड पर धूम्रपान निषेध की चेतावनी अंकित हो। बैठक में पीपुल सर्विस इंटरनेशनल के कार्यक्रम अधिकारी ने प्रोजेक्टर के माध्यम से कोटपा अधिनियम की जानकारी दी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. के. मीणा ने तंबाकू से होने वाली बीमारियों की जानकारी दी।
बैठक में तंबाकू नियंत्रण समिति के राज्य सलाहकार डॉ नरेन्द्र सिंह, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी नानूराम चोयल, पुलिस उप अधीक्षक शहर सुरेन्द्र सिंह, उपखंड अधिकारी, विकास अधिकारी सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।