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डाउनलोड करेंअलवर. जिले में क्राइम कंट्रोल के लिए बनाई गई पुलिस की कोबरा टीम को कमांडो की ट्रेनिंग दी जा रही है। टीम के पुलिसकर्मियों को इन दिनों ईटाराणा सैनिक छावनी में भारतीय सेना के अधिकारी अपराधियों की धरपकड़ से लेकर छापेमारी के गुर सिखा रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने जिले में विशेष कार्रवाई के लिए 25 पुलिसकर्मियों की कोबरा टीम बनाई है। आधुनिक हथियारों से लैस कोबरा के जवान विकट परिस्थितियों में अपराधियों का मुकाबला कर सके इसके लिए उन्हें सेना से प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। यह प्रशिक्षण ईटाराणा सैनिक छावनी में चल रहा है। इसमें सेना के अधिकारी इन्हें अपराधियों के ठिकानों पर दबिश देकर उन्हें काबू करने के गुर बताए जा रहे हैं। प्रशिक्षण में इन पुलिसकर्मियों को दीवार फांदना, रस्सी के सहारे चलना, वाहनों से भाग रहे अपराधियों को पकडऩा जैसा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह टीम जिलेभर में कहीं भी कार्रवाई कर सकेगी। एसपी ने टीम की वर्दी भी पुलिस से अलग रखी है। कोबरा टीम के जवानों के लिए नीली वर्दी तय की गई है। इसमें जवान गाडिय़ों में अलग ही दिखाई देंगे।
टोकन में होगी जानकारी
रात के समय गश्त व्यवस्था के लिए एसपी ने सेक्टर व सब सेक्टरों को 55 बीट में बांटा है। हर बीट में एक पुलिसकर्मी व एक होमगार्ड का जवान तैनात रहेगा। गश्त कर रहे बीट कांस्टेबल के पास टोकन होगा। इसमें उसके इलाके में स्थित व्यावसायिक केंद्रों सहित प्रमुख स्थलों की पूरी जानकारी होगी। गश्त व्यवस्था की जांच हर दिन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक या डीएसपी स्तर के अधिकारी करेंगे। चौकस गश्त व्यवस्था का पूरा कंट्रोल पुलिस कंट्रोल रूम से होगा। यहीं से पूरी व्यवस्था पर नजर भी रखी जाएगी।
सीटी से होगी हाजिरी
बीट पर तैनात पुलिसकर्मियों की हाजिरी के लिए उन्हें सीटी दी जाएगी। कई बार ऐसा होता कि बीट पर पुलिसकर्मी तो तैनात है लेकिन जांच के लिए अधिकारी को वह अगर पाइंट पर नहीं मिलता है तो उसकी गैरहाजिरी डाल दी जाती है। नई व्यवस्था में जांच अधिकारी पाइंट पर जाकर सीटी बजाएगा तो आसपास तैनात बीट पुलिसकर्मी भी सीटी बजाकर उसका जवाब देगा। इससे उसकी मौजूदगी का भी पता लग जाएगा।
॥कोबरा टीम को सेना के जरिए ट्रेनिंग दी जा रही है। यह 20 दिन का इंडोर कोर्स है। इसके बाद टीम अपराधियों की धरपकड़ में काम ली जाएगी। नई गश्त व्यवस्था की तैयारी कर ली गई है।
- विकास कुमार, एसपी
शहर में एक फरवरी से ‘चौकस’ नाम से शुरू होगी नई गश्त व्यवस्था, सेक्टर व सब सेक्टर में बांटा शहर, बाजारों में घुड़सवार पुलिसकर्मी करेंगे गश्त
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