पुख्ता हो पार्किंग व्यवस्था
भास्कर न्यूज - अलवर
शहर में सुदृढ़ परिवहन व्यवस्था के लिए वाहनों की पार्किंग की जरूरत है। इसकी शुरुआत अलवर वाहिनी के स्टैंड व किराया तय करके की जानी चाहिए। सरकार बिना पब्लिक की सहमति के कोई प्लान नहीं बनाए। ये विचार बुधवार को मत्स्य मेवात शिक्षा एवं विकास संस्थान की शहरी परिवहन व्यवस्था को लेकर अलवर होटल में शुरू हुई दो दिवसीय कार्यशाला में सामूहिक रूप से सामने आए।
कार्यशाला में डॉ. गीतम तिवारी ने कहा कि सड़क का इस्तेमाल अलग-अलग समूह करते हैं इसलिए उनके हितों में टकराव होता है। ऐसी स्थिति में बहुसंख्यक वर्ग के हितों की रक्षा होनी चाहिए। आईडीएम दिल्ली के राजेंद्र रवि ने कहा कि अलवर अभी छोटा शहर है इसलिए यहां ठोस मास्टर प्लान बनाया जा सकता है। यहां के नागरिकों को इसके लिए सामूहिक प्रयास करने चाहिए वरना आने वाले समय में अराजकता की स्थिति पैदा हो जाएगी। रवि ने कहा कि शातिर लोग नया ढांचा बना रहे हैं। स्थिति यह है कि हमारे अधिकार छेड़े भी नहीं और छोडं़े भी नहीं। कार्यशाला में यूआईटी सचिव इंदरसिंह सोलंकी, यातायात पुलिस प्रभारी वीरेंद्र सिंह, जिला परिवहन अधिकारी अशोक शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार सुरेश पंडित, रघुनाथ बवेजा, पार्षद अजय पूनिया आदि ने विचार रखे। संचालन अंकित भार्गव और हर्षिता मिश्रा ने किया।