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डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कई साल बाद चेता विभाग

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - अलवर
लंबे समय से गैर हाजिर चल रहे जिले के 20 डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को अब सुध आई है। विभाग के निदेशक ने ऐसे डॉक्टरों को आनन-फानन में 29 जनवरी को नोटिस जारी कर ज्वाइन करने के लिए मात्र दो दिन की मोहलत दी है। गैर हाजिर डॉक्टरों के अधिकतर मामले स्वैच्छिक सेवानिवृति के लिए आवेदन, पीजी में सलेक्शन के बाद निजी हॉस्पिटल खोलने या प्राइवेट हॉस्पिटल में अच्छे वेतन पर नौकरी करने तथा जिले से बाहर ट्रांसफर होने पर ज्वाइन नहीं करने के हैं। इनमें कई डॉक्टर तो दो साल से अस्पताल नहीं पहुंचे, लेकिन चिकित्सा विभाग उनके खिलाफ समय रहते तो कार्रवाई नहीं की और अब इतना समय बीत जाने के बाद उन्हें नोटिस दिए गए हैं।
॥अनुपस्थित डॉक्टरों के खिलाफ निदेशालय की ओर से ही कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में निदेशालय ने डॉक्टरों को नोटिस भी जारी किए हैं। यहां से तो ड्यूटी से गैर हाजिर डॉक्टरों की मात्र सूची भेजी गई।
-डॉ. आरके मीणा, सीएमएचओ अलवर



ज्यादातर ने स्वैच्छिक सेवानिवृति के लिए कर रखा है आवेदन

कई डॉक्टरों ने तो स्वैच्छिक सेवानिवृति के लिए आवेदन किया हुआ है, लेकिन उन्हें सरकार सेवानिवृति नहीं दे रही है। राजीव गांधी अस्पताल के चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. मोहन लाल सिंधी बताते हैं कि सभी विभागों में समान नियम लागू होने चाहिए। जब नियम पंद्रह साल की सरकारी नौकरी के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृति का है तो उनके डॉक्टरों के आवेदन पर सरकार को डिसीजन करना चाहिए, लेकिन मामले कई वर्षों से लटके हुए हैं।

जिले में कब से अनुपस्थित हैं डॉक्टर