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46 दवाओं के रिकार्ड रखने की बंदिश का विरोध
भास्कर न्यूज - अलवर
दवाओं के रिटेल व्यापार से जुड़े कैमिस्टों की गुरुवार को मोती डूंगरी चिल्ड्रन पार्क में कैमिस्ट सुभाष भार्गव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें 46 दवाओं को रजिस्टर में दर्ज करने और डॉक्टर के पर्चे सहित अन्य रिकार्ड को तीन साल तक रखने की बंदिश लगाने का विरोध किया गया। यह नियम एक अप्रैल से लागू होना है।
बैठक में जिलेभर से आए कैमिस्टों ने कहा कि तीन साल तक 46 दवाओं का रिकार्ड बनाना और इसे रखना संभव नहीं है। बिना डॉक्टर की पर्ची के दवा नहीं देने के नियम से रिटेल कारोबार चौपट हो जाएगा। इस नियम से सर्वाधिक परेशानी रोगी को होगी। एक बार दवा लिखवाने के बाद रोगी उस दवा को कैमिस्ट से उसी पर्ची पर फिर से नहीं ले सकेगा। इसके लिए उसे फिर से डॉक्टर की पर्ची लिखवानी होगी। क्योंकि गंभीर बीमारी से ग्रस्त रोगी को बार-बार दिल्ली और जयपुर ले जाना मुमकिन नहीं होता। उसे बार-बार उसी दवा को लेने के लिए डॉक्टर की पर्ची बनवानी पड़ेगी। बैठक में अलवर जिला रिटेल कैमिस्ट एसोसिएशन बनाने का निर्णय लिया गया। साथ ही आगामी रणनीति के लिए 23 सदस्यीय समिति गठित की गई। बैठक में परिणित यादव, राजेन्द्र प्रसाद, सुरेश शर्मा, विजय सिंह, नेहा, तीरथ सैनी, सुरेश कुमार, सत्यनारायण, विजय, महेश सहित बहरोड, भिवाड़ी, राजगढ़, किशनगढ़बास, खैरथल आदि स्थानों के रिटेल कैमिस्ट मौजूद थे।