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फर्जी अंकतालिका से प्रवेश पर छात्रा को ३ साल की जेल
अलवर. फर्जी अंकतालिका से महिला स्वास्थ्य कार्यकत्र्ता प्रशिक्षण में प्रवेश लेने वाली झुंझुनूं के चिड़ावा क्षेत्र के उरीका निवासी सुमन पत्नी नरेन्द्र कुमार जाट को एसीजेएम संख्या एक हिमाकंनी गौड ने 3 वर्ष के कठोर कारावास व 18 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामले के अनुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने 17 जनवरी 2007 को अदालत में इस्तगासा पेश कर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उरीका((चिड़ावा)) निवासी सुमन पत्नी नरेन्द्र कुमार जाट ने महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता का प्रशिक्षण लेने के लिए 28 फरवरी 2006 को आवेदन किया था। प्रार्थना पत्र के साथ सुमन ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान नई दिल्ली की माध्यमिक विद्यालय परीक्षा वर्ष 2005 की अंकतालिका की फोटो प्रति लगाई थी। अंकतालिका में प्राप्तांकों के आधार पर सुमन का चयन 18 माह के प्रशिक्षण के लिए कर लिया गया। इसके बाद 5 अगस्त 2006 को अंकतालिका की जांच के लिए राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान नई दिल्ली के सचिव को भिजवाया गया।
इसमें शिक्षा संस्थान के उपनिदेशक ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर बताया कि इस रोल नम्बर के परीक्षा परिणाम के प्राप्तांकों व स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच के लिए प्रेषित अंकतालिका की फोटो प्रति में दर्शाए गए अंकों में भिन्नता है। प्रस्तुत अंकतालिका में कुल प्राप्तांक 458 अंकित था, जबकि वास्तविकता में कुल प्राप्तांक 307 थे। अदालत ने सुमन को फर्जी अंकतालिका तैयार करने व प्रशिक्षण में प्रवेश के लिए जानबूझकर फर्जी अंकतालिका पेश करने का दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई है।