सरकार का पहला आदेश ही बेअसर
भास्कर न्यूज क्चभीलवाड़ा
प्रदेश की नई सरकार द्वारा जारी किया गया शहर को एक महीने में साफ-सुथरा करने का पहला ही आदेश बेअसर हो गया है। सरकार के इस पहले आदेश की पालना में सरकारी अधिकारी और जनप्रतिनिधि फेल हो गए हैं। कागजों में सफाई अभियान दिखाने के लिए मीटिंगें और आदेश होते रहे, दिखाने के लिए शुरू में चार-पांच दिन अधिकारियों ने रात्रिकालीन दौरे भी किए। शहर को आठ भागों में बांटकर वार्ड प्रभारी बनाए, लेकिन एक महीने बाद भी शहर में विशेष सफाई जैसा कुछ नजर नहीं आता। नगर परिषद में भाजपा से निर्वाचित चेयरमैन और शहर में भाजपा विधायक होने के बावजूद राज्य सरकार के पहले ही आदेश की इस तरह से हवा निकलेगी, शहरवासियों को ऐसी उम्मीद नहीं थी।
यह था आदेश
यूडीएच के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने 19 दिसंबर को वीसी में कलेक्टर्स को एक्शन प्लान बनाकर विशेष सफाई अभियान शुरू करने व एक महीने में शहर को बिल्कुल साफ-सुथरा करने के आदेश दिए थे। कचरा प्रॉपर डंपिंग स्थलों पर डालने, नाले-नालियों, सड़कों व रोड लाइट्स की मेंटेनेंस, दिन व रात में सफाई व्यवस्था, सार्वजनिक पार्क व चौराहों का सौंदर्यीकरण, सभी कचरा स्टैंड पर कचरा पात्र रखने के आदेश थे।
सब कागजों में चला
यूडीएच के आदेश के बाद कलेक्टर कुछ समय तक रात को संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ सफाई व्यवस्था देखने निकले। एक्शन प्लान बनाने के लिए कलेक्टर ने नगर परिषद, यूआईटी, पीएचईडी, बिजली निगम, पीडब्ल्यूडी आदि विभागों की तीन-चार बार मीटिंग ली। वार्ड प्रभारी बनाए। नगर परिषद सभापति अनिल बल्दवा कुछ दिन दौरे पर गए लेकिन असर नजर नहीं आया।
हुआ कुछ नहीं समस्याएं ज्यों की त्यों
कचरा प्रॉपरली डंपिंग स्थल पर अभी भी नहीं डाला जा रहा है। पुर रोड, आजादनगर, बापूनगर, रीको एरिया जहां खाली जगह दिखी डंपर व ट्रैक्टर चालक कचरा डाल देते हैं। कई कचरा स्टैंड पर कचरा पात्र नहीं होने से कचरा खुले में पड़ा रहता है। कई जगह नाले-नालियां टूटी होने से गंदा पानी सड़कों पर निकल आता है। पुलिस लाइन अंडरब्रिज में पानी भरने की समस्या का हल आज तक नहीं निकला। पुर रोड, रीको रोड आदि जगह कई बार रात में रोड लाइट बंद रहती है। परिषद का दिन व रात में भी सफाई का दावा है पर हकीकत यह है कि कई कचरा स्टैंड से कचरा रेगुलर नहीं उठाया जाता। चौराहों का सौंदर्यीकरण दूर की बात है काफी समय से टूटे चौराहों के पत्थर तक नहीं हटाए गए। रामधाम रोड, पुर रोड, अजमेर रोड, आजादनगर, सुवाणा रोड, सांगानेर रोड सहित कई खस्ताहाल सड़कों को अभी तक नहीं सुधारा गया।
॥हां, यह सही है कि अभियान में पूरा काम नहीं हो पाया। करीब 50 प्रतिशत काम ही हुआ है। जो कमियां रह गई हैं उनका टारगेट लेकर दूर करेंगे।ञ्जञ्ज
अनिल बल्दवा, सभापति, नगर परिषद
॥पहले की अपेक्षा कुछ सुधार हुआ है लेकिन अभी भी और ध्यान देने की जरूरत है। सरकार का प्रतिनिधि होने के नाते कलेक्टर के साथ मीटिंग की। मेरे पास लोगों की शिकायतें आईं तो मैने परिषद अधिकारियों को बताकर समस्या दूर कराई है।ञ्जञ्ज
विट्ठलशंकर अवस्थी, विधायक, भीलवाड़ा शहर