किसान कलेवा हुई आपणी रसोई
ललित ओझा क्चभीलवाड़ा
राज्य में कांग्रेस राज जाते ही सरकार ने योजनाओं का नाम बदलना शुरू कर दिया है। कृषि उपज मंडी में आने वाले किसानों को पांच रुपए में खाना खिलाने की योजना ‘आपणी रसोई’ अब ‘किसान कलेवा’ के नाम से जानी जाएगी। योजना का दायरा भी बढ़ाया गया है। कृषि विपणन निदेशक अनिल गुप्ता ने सभी मंडी सचिवों को नई योजना लागू करने के निर्देश दिए हैं। पहले यह बड़ी मंडियों विशिष्ट व अ श्रेणी में ही लागू थीं। अब ये बी श्रेणी में भी लागू होगी। सी व डी श्रेणी की छोटी मंडियां भी किसानों को रियायती दर पर खाना खिला सकेगी, बशर्ते उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी हो। इसके लिए उन्हें समिति से प्रस्ताव पारित कर सरकार से स्वीकृति लेनी होगी। जिले में बी श्रेणी में एक भी मंडी नहीं है, पर सी श्रेणी में मांडलगढ़, बिजौलियां व गंगापुर मंडी है। उधर, मंडी सचिव फूलचंद मीणा ने नए निर्देशानुसार योजना का क्रियान्वयन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। नाम बदलने के कारण नए कूपन छपवाए जा रहे हैं।
खाने में मिलेगा दुगुना गुड़
किसानों को अब एक थाली में छह चपाती ((200 ग्राम गेहूं आटा)), दाल एक कटोरी ((125 ग्राम)), सब्जी एक कटोरी ((125 ग्राम)) दी जाती है। इसके साथ सर्दियों में ((अक्टूबर से मार्च तक)) 25 ग्राम गुड़ व गर्मियों में ((अप्रैल से सितंबर तक)) छाछ 200 मिली दी जाती रही है। नई योजना में अब गुड़ की मात्रा 50 ग्राम कर दी गई है।
फिर क्यों बदला नाम?
तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आपणी रसोई योजना वर्ष 2009 में शुरू की थी। अब मामूली बदलावों के साथ योजना का नाम बदल दिया है। स्टाफ व व्यापारी भी दबे जुबान में कह रहे हैं कि जब योजना में कोई खास बदलाव नहीं है तो फिर नाम क्यूं बदला गया।
पंचमुखी दरबार में भागवत कथा 7 से
भीलवाड़ा. बाबा राजाराम दास महाराज के अद्र्ध वार्षिक साकेत उत्सव के उपलक्ष्य में सात फरवरी से 13 फरवरी तक पंचमुखी दरबार मंदिर प्रांगण में श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का आयोजन होगा। महंत लक्ष्मण दास त्यागी ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर १२ से दोपहर तीन बजे तक होगी। 14 फरवरी को सुबह ९ से ११ बजे तक संत समागम व संत महापुरुषों के आशीर्वचन होंगे। जिसमें देशभर से जगद्गुरु,आचार्य, महामंडलेश्वर, महंत व संत उपस्थित रहेंगे। इसके बाद दोपहर एक से शाम चार बजे तक आम भंडारा होगा।