पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • पांच मिनट में पारित हो गया 124 करोड़ का बजट

पांच मिनट में पारित हो गया 124 करोड़ का बजट

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

भीलवाड़ा। नगर परिषद बोर्ड की बजट मीटिंग में शनिवार को वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए 124.36 करोड़ रुपए का बजट पांच मिनट में बिना बहस-चर्चा के पारित हो गया। सभापति अनिल बल्दवा एजेंडा पढ़ते गए और पार्षद हां-हां कहते गए। इसके बाद भी करीब 50 मिनट मीटिंग चली लेकिन अधिकांश समय कर्मचारी व ठेकेदारों द्वारा सफाई सहित अन्य जनसमस्याओं को अनसुना करने पर हंगामा हुआ।

कांग्रेसी पार्षद केदार जागेटिया और मनोज पालीवाल ने कहा कि समय पर सफाई नहीं होती। मृत मवेशियों को भी समय पर नहीं उठाया जाता। कर्मचारी-अधिकारियों और ठेकेदारों से कहने पर वे अनसुना कर देते हैं। उनके समर्थन में नेता प्रतिपक्ष अब्दुल सलाम, शिवराम खटीक, मंजू पोखरना, जितेंद्रसिंह राजावत, घीसू विश्नोई, यशवंत कोडवाणी खड़े हो गए। महेंद्र घबरानी ने कहा कि परिषद का हर ड्राइवर खुद को सभापति समझता है।

भाजपा पार्षद निशा जैन ने कहा कि मृत मवेशी उठाने वाला ठेकेदार पशु उठाने के 500 रुपए मांगता है। सभापति बल्दवा ने अन्य ठेकेदार नहीं मिलने की कहते हुए हाथ खड़े कर दिए। आयुक्त रुस्तमअली शेख ने पार्षदों को ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की नसीहत दी। लगातार दो मीटिंग में चर्चा के बावजूद बीपीएल परिवारों के मकान के बाहर नाम नहीं लिखवाने पर कांग्रेसी पार्षदों ने नाराजगी जताई।

टंकी के बालाजी के यहां पांच लाख रुपए के विकास कार्य पर सभी पार्षदों ने सहमति जताई। 10 ऑटो टिघ्पर खरीदने, सुलभ कॉम्पलैक्सों का रख-रखाव ठेके पर देने, हरणी महादेव मेले के लिए 15 लाख रुपए की स्वीकृति, अनुपयोगी सामान की नीलामी, स्ट्रीप लैंड देने, कर्मचारियों की पदोन्नति, ठेके पर वाहन चालक, फायरमैन व चौकीदार रखने सहित 17 प्रस्ताव पारित किए गए।

पार्षद हाथ जोड़कर बोले, काम पूरा करा दो :पार्षद राजावत ने सभापति बल्दवा से हाथ जोड़कर प्रतापनगर पुलिस चौकी के पास दो साल से अधूरे पड़े पार्क का काम पूरा कराने का निवेदन किया। राजावत ने बताया कि ठेकेदार को आधा पेमेंट हो गया। क्षेत्रवासी उन्हें उलाहना देते हैं जबकि तकनीकी अधिकारी जनता व पार्षदों के बजाय ठेकेदारों की ज्यादा सुनते हैं।

सभापति ने पोल खोलने की कहा तो पार्षद बैठ गए : पार्षद पालीवाल ने उनका एक भी बिंदु एजेंडे में शामिल नहीं करने पर विरोध जताया। सभापति बल्दवा ने मना किया तो पालीवाल उनकी ओर बढ़े। दोनों में बहस हुई तो सभापति ने कहा कि आपको अपनी पोल नहीं खुलवानी हो तो बैठ जाओ। इसके बाद पालीवाल बैठ गए। हालांकि इसके बाद मीटिंग में यह चर्चा शुरू हो गई कि सभापति कौनसी पोल खोलने की बात कर रहे थे।

यूआईटी से लेंगे तीन करोड़ :सभापति बल्दवा ने बताया कि मेंटेनेंस के बदले यूआईटी से कुछ समय पहले एक करोड़ रुपए लिए हैं। अभी तक तीन करोड़ रुपए और लेने हैं।