शुभ काम को टालना उचित नहीं: ऋषिकेश
भास्कर न्यूज - भीलवाड़ा
श्रीमद् भागवत कथा प्रचार समिति की ओर से संजय कॉलोनी स्थित सुखवाल समाज संस्था प्रांगण में आयोजित की जा रही श्रीमद् भागवत कथा में मंगलवार को कथा वाचक पंडित रामदेवाचार्य ऋषिकेश ने कहा कि मनुष्य को कभी भी शुभ कार्य करने में देर नहीं करनी चाहिए। शुभ कार्य को टालना नहीं चाहिए।
उन्होंने भगवान के रूप का वर्णन करते हुए कहा कि स्वर्ग भगवान का सिर, आकाश नाभी, वायु श्वांस, नदियां भगवान की नाडिय़ां हैं। इसके साथ ही कथा के दौरान उन्होंने परीक्षित जन्म, पांडवों का स्वर्गारोहण, परीक्षित को श्राप प्रसंगों का वर्णन किया। आयोजक राजेंद्र पुरोहित ने बताया कि मंगलवार को व्यासपीठ की आरती नंदलाल जोशी, गोवर्धन सुखवाल, प्रकाश व गोपाल सुखवाल ने की।
तीर्थ यात्रा के साथ जीव दया भी है जरूरी: सुकुमालनंदी
भीलवाड़ा. शास्त्रों में धर्म को चार भागों में बांटा गया है, आत्मा का ध्यान रखना, उत्तम क्षमा सहित दस धर्म का पालन, रत्नत्रय धारण तथा जीवों की रक्षा करना। गृहस्थ का मन 24 घंटे आत्मा के ध्यान में नहीं लग सकता है, इसलिए उसे उत्तम क्षमा, मार्दव आर्जव सहित दस धर्मों की आराधना करनी चाहिए। इनकी आराधना के लिए सम्यक दर्शन, ज्ञान व चरित्र को अपनाना होगा। जिन्हें प्राप्त करने के लिए अंतत जीव की रक्षा एवं करुणा का भाव होना आवश्यक है। मंदिर बनाने, तीर्थ यात्रा, दान आदि के साथ जीव दया भी धर्म की परिभाषा में आता है। यह विचार दिगंबर आचार्य सुकुमालनंदी ने आरके कॉलोनी स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में प्रवचन में व्यक्त किए।
साधक को नव तत्वों का ज्ञान
आवश्यक: मुनि उदय
भीलवाड़ा. श्रमण संघ के संत उदय मुनि ने शीतल स्वाध्याय भवन काशीपुरी में मंगलवार को प्रवचन देते हुए कहा कि मोक्षार्थी साधक के लिए नव तत्वों संवर का ज्ञान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गुणी आत्माओं को गुणानुवाद कर गुणानारागी बनना चाहिए। श्री वेणी सिद्ध सेवा संस्थान के प्रचार प्रमुख उमराव सिंह मारू ने बताया कि उदय मुनि व विरक्त मुनि प्रवचन के बाद अहिंसा भवन शास्त्रीनगर पंहुचे जहां बुधवार सुबह 9.30 बजे प्रवचन होगा। इसी प्रकार शांति भवन में साध्वी डॉ. सुभाषा के प्रवचन सुबह 9.30 बजे होंगे।
:भीलवाड़ा. संजय कॉलोनी स्थित सुखवाल समाज के नोहरे में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में आरती करतीं महिलाएं।